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शहला हत्याकांड में तीसरा आरोपी सलीम भी पकड़ा गया

भोपाल में हुए आरटीआई एक्टिविस्ट शहला मसूद हत्याकांड के तीसरे आरोपी सलीम को भी बुधवार को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया। एक दिन पहले भोपाल की इंटीरियर डिजायनर जाहिदा परवेज की गिरफ्तारी के बाद शहला की हत्या के राज सामने आने लगे थे। जाहिदा से पूछताछ के आधार पर मंगलवार को एसटीएफ ने बेकनगंज से इरफान को गिरफ्तार किया था। इरफान को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सीबीआई जल्द ही उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर भोपाल जाएगी।


16 अगस्त 2011 को शहला की हत्या कर दी गई थी। सीबीआई अब शहला का कत्ल कराने वाले मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कवायद कर रही है। इस सिलसिले में दिल्ली सीबीआई टीम इरफान के अलावा शानू ओलंगा के कत्ल में जेल में बंद रईस बनारसी से भी पूछताछ कर सकती है।


एसटीएफ का भी मानना है कि ‘वह’ कोई सबूत नहीं छोड़ना चाहता था। यही वजह रही कि शहला की गर्दन में सटाकर गोली मारने वाले सुपारी किलर शानू ओलंगा का कत्ल भी तीन महीने के भीतर कानपुर में करा दिया गया।


मामला सीबीआई के हाथ में जाने के बाद शहला का कत्ल कराने वालों को लगा कि शानू ओलंगा अगर गिरफ्त में आ गया तो साजिश में शामिल लोगों के नाम खुल जाएंगे। इसलिए नवम्बर,2011 में उसे भी रास्ते से हटा दिया गया।


सीबीआई और यूपी एसटीएफ की छानबीन में यह भी पता चला है कि ओलंगा के साथ वारदात को अंजाम देने में शामिल रहे इरफान और सलीम को भी रास्ते से हटाने की योजना थी, लेकिन यह दोनों शूटरों के हाथ नहीं लगे। 10 अगस्त 2011 को कानपुर से भोपाल के लिए रवाना होते ही शानू ओलंगा, सलीम और इरफान ने अपने-अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए थे। इनके फोन 16 अगस्त को शहला मसूद के कत्ल के बाद देर रात झांसी रेलवे स्टेशन पर खुले। छानबीन में पता चला है कि तीनों सुपारी किलर्स को भोपाल में लोकल नम्बर के सिम कार्ड मुहैया कराए गए थे, यह सिम कार्ड मास्टरमाइंड ने उन तक पहुंचाए थे।


एसटीएफ की पूछताछ में इरफान ने कबूल किया कि जाहिदा परवेज ने भोपाल के क्रिमिनल शाकिब उर्फ डेंजर के जरिए शानू ओलंगा को 3 लाख की सुपारी दी थी। एडवांस 2 लाख देते वक्त जाहिदा कार में बैठी थी। एसटीएफ के डिप्टी एसपी त्रिवेणी सिंह का मानना है कि शहला मर्डर केस में शाकिब और ओलंगा के अलावा मास्टरमाइंड कोई और है, जिसने जाहिदा के कहने पर प्लानिंग की और कानपुर के सुपारी किलर का इस्तेमाल किया ताकि किसी का ध्यान न जाए।


ओलंगा के कत्ल में मामा या कोई और?
कानपुर। शानू ओलंगा के कत्ल को शहला मसूद मर्डर केस की कड़ी मान रही सीबीआई ने वाराणसी के क्रिमिनल राजकुमार बिन्द उर्फ मामा की तलाश शुरू कर दी है। कानपुर में ओलंगा को मारने के बाद मामा जैसी शक्ल वाले शूटर का फोटो अखबारों में छपा था। इसी आधार पर कानपुर पुलिस ने मामा और ओलंगा के दुश्मन रईस बनारसी को मुल्जिम बना दिया। रईस ने वाराणसी में सरेंडर कर दिया था जबकि मामा अभी तक हाथ नहीं लगा है। मंगलवार रात शहला मसूद मर्डर केस में ओलंगा के साथी इरफान की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ और सीबीआई का फोकस मामा की तरफ ज्यादा है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को शक है शानू ओलंगा की लाश के पास खड़ा शूटर मामा बिन्द नहीं कोई और है। नए सिरे से पड़ताल में जुटी सीबीआई ने देशभर में वह फोटो जारी कर दिया है। एसटीएफ की टीम भी इस गुत्थी को सुलझाने में मदद कर रही है।

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