DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रीता बहुगुणा जोशी के मामले में फैसला लटका

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का घर जलाने के मामले की सीबीआई जांच कराने सम्बंधी याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है।

न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला और न्यायमूर्ति एसवीएस राठौर की खण्ड पीठ के सम्मुख याचिका पर बहस करते हुए महाधिवक्ता ज्योतिन्द्र मिश्र ने पीठ को बताया कि इस मामले में सीबीसीआईडी की जांच पूरी हो चुकी है और कई लोग अभिुयक्त पाए गए हैं। महाधिवक्ता की दलील थी कि श्रीमती जोशी ने अपनी याचिका में सीबीसीआईडी की विवेचना पर कोई प्रश्न नहीं उठाया। ऐसी दशा में जब तक की विवेचना दूषित न हो इसे सीबीआई को सौंपने का कोई औचित्य नहीं है। महाधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि श्रीमती जोशी ने विवेचना के दौरान सीबीसीआईडी को सहयोग नहीं दिया और लगभग 16-17 बार लिखित नोटिस देने के बावजूद वह बयान देने के लिए नहीं आईं। दूसरी ओर याचिका के पक्ष में एडवोकेट हेमेंत मिश्र की दलील थी कि उक्त घटना में पुलिस के आला अधिकारी भी शामिल हैं और याचिका में मुख्यमंत्री मायावती परभी आरोप लगाए गए हैं। ऐसी स्थिति में सीबीसीआईडी के उनके अधीन होने के कारण उससे निष्पक्ष विवेचना की आशा नहीं हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:रीता बहुगुणा जोशी के मामले में फैसला लटका