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30 मई, 2020|5:42|IST

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कैबिनेट सचिव शशांक शेखर मामले में केंद्र व उप्र को नोटिस

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट सचिव के रूप में शशांक शेखर की नियुक्ति को निरस्त करने के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पास लम्बित याचिका सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांतरित किए जाने की सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। शशांक शेखर को भी नोटिस जारी किया गया है।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एच. एल. दत्तू तथा न्यायमूर्ति सी. के. प्रसाद की खंडपीठ ने ये नोटिस जारी किए। इससे पहले वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि यह मामला वर्ष 2009 से ही उच्च न्यायालय में लम्बित है। याचिका में उस मामले को सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है, जो उच्च न्यायालय में लम्बित है।

जब न्यायालय ने पूछा कि एक ही मुद्दे पर याचिका उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में कैसे लम्बित रह सकती है तो सिंघवी ने बताया कि मामले के स्थानांतरण के लिए गैर-सरकारी संगठन लोक प्रहरी की ओर से दायर दायिका सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष ही लम्बित है।

सिंघवी ने न्यायालय को बताया कि शशांक शेखर ने उच्च न्यायालय द्वारा जारी नोटिस का जवाब ढाई वर्षो में दिया।

न्यायालय के यह पूछने पर कि क्यों न पूरे मामले को उच्च न्यायालय में भेज दिया जाए, सिंघवी ने कहा कि उच्च न्यायालय में दायर याचिका का सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांतरण किया जाना चाहिए।

शशांक शेखर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नहीं रहे हैं। पायलट रहे शेखर को 2007 में बसपा सरकार बनने पर कैबिनेट सचिव बनाया गया था।

 

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  • Web Title:कैबिनेट सचिव शशांक शेखर मामले में केंद्र, यूपी को नोटिस