DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राजनीतिक दलों को उद्योगों से अब मिलेगा ज्यादा चंदा!

नये कंपनी विधेयक के प्रावधानों से राजनीतिक दल खुश हो सकते हैं। विधेयक में राजनीतिक दलों को कंपनियों से चंदे के रूप में ज्यादा धनराशि देने की अनुमति दी गई है। इस मामले में कंपनियों द्वारा सांविधिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना भी कम रखा गया है।

नये विधेयक के अनुसार कोई कंपनी पिछले तीन साल के औसत शुद्ध लाभ का 7.5 प्रतिशत हिस्से का योगदान कर सकेंगी।  कंपनी कानून 1956 के तहत कंपनियों को अपने औसत लाभ के केवल पांच प्रतिशत हिस्से को ही राजनीतिक अनुदान के रूप में देने की अनुमति थीं।

नये कंपनी विधेयक को संसद की मंजूरी का इंतजार है। विधि फर्म टाइटस एंड कंपनी के वरिष्ठ सहयोगी दिलजीत टाइटस ने नये कंपनी विधेयक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्वागतयोग्य कदम है, क्योंकि इससे चुनावी प्रचार में सफेद धन का प्रवाह बढ़ेगा।

चुनाव लड़ने की बढ़ती लागत का ज्रिक करते हुए उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि केवल कानून बन जाने से शायद चुनावों में काले धन के प्रवाह को कम करना मुश्किल होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:राजनीतिक दलों को उद्योगों से अब मिलेगा ज्यादा चंदा!