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राज्य का विभाजन मजाक नहीं: कांग्रेस

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री मायावती के राज्य विभाजन को लेकर केन्द्र सरकार के भेजे पत्र को संविधान विरोधी बताने के बयान को मंगलवार को गलत करार देते हुए कहा कि राज्य का विभाजन कोई मजाक नहीं है जो चार लाईन के पत्र पर कर दिया जाय।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि सुश्री मायावती ने विधानमंडल में पारित चार लाइन के प्रस्ताव पर राज्य के चार हिस्सों में विभाजन का पत्र केन्द्र सरकार को भेज दिया लेकिन राज्य के बीस करोड़ लोगों के भाग्य का निर्णय चार लाईन के पत्र पर नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का भेजा पत्र किसी भी तरह से असंवैधानिक नहीं है और उसमें कही बातें गोपनीय भी नहीं हैं जिससे उसे मीडिया के सामने पहले जारी करने का आरोप लगे। श्रीमती जोशी ने
कहा कि मुख्यमंत्री खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत केन्द्रीय मंत्री को पत्र भेजने के पहले उसे मीडिया को जारी कर देती हैं।

श्रीमती जोशी ने कहा कि पत्र में गोपनीय बाते नहीं हैं। उसमें राज्य सरकार से प्रस्तावित चार राज्यों की राजधानी, उनकी सीमा और देनदारियों के बारे में जानकारी मांगी गई है जो गलत नहीं है। पार्टी चाहती है कि उत्तर प्रदेश के बंटवारे को लेकर पहले जनमत संग्रह हो और उसके आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट पर पूरी बहस की जाय।

प्रदेश अघ्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में उनकी पार्टी के दो विधायको ने निजी प्रस्ताव के जरिए राज्य विभाजन का मुद्दा उठाया था लेकिन सुश्री मायावती इस पर बहस कराने को तैयार नहीं दिखी।

श्रीमती जोशी ने कहा कि सुश्री मायावती राज्य के मामले को लेकर कभी गंभीर नही रहीं। योजना आयोग समेत केन्द्रीय योजनाओं के लिए हुई किसी भी बैठक में मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुई। हर जगह उन्होंने अपने प्रतिनिधि भेजे जबकि बैठकों में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री आए थे।

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