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एमबीए, हर क्षेत्र में है मैनेजमेंट

एमबीए, हर क्षेत्र में है मैनेजमेंट

इंजीनियरिंग, मेडिकल, एविएशन या फिर हॉस्पिटेलिटी, आप किसी भी क्षेत्र से जुड़े हुए हों, प्रबंधन में आगे बढ़ने की संभावनाएं हमेशा आपके पास रहती हैं। इस प्रक्रिया में एमबीए की पढ़ाई एक अच्छा विकल्प है। छात्रों में बढ़ते रुझान को देखते हुए विभिन्न संस्थान स्पेशलाइज्ड एमबीए प्रोग्राम भी करा रहे हैं, बता रही हैं रुचि गुप्ता

एमबीए प्रोग्राम के बाद क्या नौकरी की गारंटी मिल जाती है? मैं इंजीनियरिंग करने के बाद क्या एमबीए कर सकता हूं? क्या नौकरी के साथ भी एमबीए की जा सकती है? और एमबीए में प्रवेश के लिए मुझे कब से तैयारी करनी चाहिए? जरूरी है कि आपके जेहन में भी कुछ ऐसे ही सवाल उठ रहे होंगे। आपके इन्हीं सवालों का यहां जवाब देने की कोशिश हम करेंगे।

आइए सबसे पहले जानते हैं कि आखिर एमबीए है क्या चीज?
एमबीए या मैनेजमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन को सीधे शब्दों में कहा जाए तो यह किसी भी तरह के कारोबार को चलाने के गुर सिखाने वाला प्रोग्राम है। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की डीन व इंटरनेशनल अफेयर्स की डायरेक्टर प्रो.अनु सिंह लाथर का कहना है, ‘टेलरिंग का काम हो, सैलून चलाने का काम हो या कोई अन्य व्यवसाय, एमबीए पाठय़क्रम सभी को बिजनेस के गुर सिखाता है। कोई बड़ा व्यवसाय हो तभी एमबीए प्रोफेशनल की जरूरत होगी, ऐसा नहीं है। एमबीए पाठय़क्रम किसी व्यक्ति में पेशेवर सोच को बढ़ावा देता है।’

अब बात आती है कि कौन-कौन एमबीए पाठय़क्रम कर सकते हैं?

किसी भी विषय में ग्रेजुएशन कर चुके उम्मीदवार इस पाठ्यक्रम में प्रवेश पा सकते हैं। इतना ही नहीं, विभिन्न संस्थानों द्वारा संचालित किए जा रहे एमबीए प्रोग्राम आपको  क्षेत्र विशेष के प्रबंधन में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका भी देते हैं, जिनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर ऑयल एंड गैस मैनेजमेंट व एविएशन से लेकर आईटी मैनेजमेंट तक के कोर्सेज शामिल हैं। इन पाठय़क्रमों में प्रवेश की तैयारी आमतौर पर छात्र ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में शुरू कर देते हैं, जिससे ग्रेजुएशन पूरी होने के साथ ही आगे की पढ़ाई शुरू हो जाती है। कैट, मैट की तैयारी करने वालों के लिए गणित, लॉजिकल थिंकिंग व इंग्लिश भाषा पर ध्यान देना जरूरी है।

योग्यता 
आर्ट्स, कॉमर्स या विज्ञान विषयों में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन होना जरूरी है। इसके साथ मैनेजमेंट प्रोग्राम में दाखिला पाने के लिए जरूरी कैट, मैट, सीमैट, स्नैप या जेमैट आदि प्रवेश परीक्षाओं को पास करना जरूरी होता है। प्रवेश परीक्षा में पास होना ही काफी नहीं है, विभिन्न संस्थान मैरिट के आधार पर वरीयता देते हैं। अच्छे संस्थान में प्रवेश के लिए अधिक स्कोर पाना अनिवार्य है।

प्रवेश प्रक्रिया
मैनेजमेंट के कोर्सेज में दाखिले के लिए कैट, सीमैट, मैट, जेमैट आदि प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। आईआईएम और कुछ आईआईटी संस्थान अपने यहां दाखिले में कैट स्कोर को ही वरीयता देते हैं। इनके अलावा विभिन्न बी-स्कूल्स और विश्वविद्यालयों में भी कैट और मैट में हासिल स्कोर के आधार पर अगले चरण के लिए छात्रों को आमंत्रित करते हैं। दूसरा चरण जीडी व समूह चर्चा का होता है। अंतिम चरण व्यक्तिगत साक्षात्कार का होता है। छात्रों को इन तीनों में हासिल अंकों व रैंक के आधार पर दाखिला मिलता है।

यह बात सही है कि सभी छात्रों को आईआईएम या टॉप 10 बी स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल सकता। लेकिन किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उन्हें उस संस्थान व उस पाठय़क्रम की रैंकिंग व संस्थान की प्रमाणिकता जरूर देख लेनी चाहिए। कम रैंकिंग व गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों व पाठय़क्रमों में प्रवेश न लें, इससे भविष्य में अच्छी नौकरी पाने की संभावनाएं बेहद कम हो जाती हैं।

यदि आप कुछ समय से पढ़ाई से दूर हैं और नौकरी कर रहे हैं तो भी आप मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना पूरा कर सकते हैं। विभिन्न नामी संस्थान पार्ट टाइम, वीकएंड या एक्जीक्यूटिव एमबीए पाठय़क्रम भी संचालित कर रहे हैं, जहां उम्मीदवारों को कुछ वर्षो का कार्यानुभव होना भी जरूरी है। इन पाठय़क्रमों की अवधि 8 माह से 1 वर्ष तक की  होती है। पार्ट टाइम या एक्जीक्यूटिव पाठय़क्रमों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इनके माध्यम से सेक्टर आधारित स्पेशलाइज्ड एमबीए प्रोग्राम में प्रवेश ले सकते हैं। साथ ही ऐसे लोग जो एक सेक्टर में रहते हुए प्रबंधन के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, उनके लिए ये पार्ट टाइम कोर्स करियर में तरक्की की संभावनाओं को कई गुणा बढ़ा देता है। उदाहरण के लिए फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में नई दिल्ली हेल्थ केयर एडमिनिस्ट्रेशन में पार्ट टाइम प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसी तरह गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में रियल एस्टेट का एमबीए पाठय़क्रम संचालित किया जाता है। डिस्टेंस लर्निग प्रोग्राम के जरिये भी एमबीए पाठय़क्रम मुहैया कराए जा रहे हैं, जिनकी अवधि 2 वर्ष है। एमबीए प्रोग्राम दुनियाभर में चलते हैं, क्योंकि उनकी जरूरत सभी उद्योगों, कारोबारी क्षेत्रों में है। ह्यूमन रिसोर्स, वित्त, मार्केटिंग, हॉस्पिटेलिटी, रूरल मैनेजमेंट आदि कई कोर्सेज ऐसे हैं, जिनकी मांग हमेशा बनी रहती है।

सक्सेस स्टोरी
बिजनेस की बारीकियों को सीखा
अभिनव, सीनियर पार्टनर, कम्युनिकेशंस इंक.

एक बार नौकरी करना शुरू करने के बाद पढ़ाई की ओर रुख करना मुश्किल हो जाता है, पर अपनी विशेषज्ञता और एक्सपोजर को लगातार बढ़ाने की इच्छा के चलते अभिनव सूद नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई से भी जुड़े रहे। नौकरी में रहते हुए उन्होंने कई पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स भी किए, पर एमबीए ने उनके पब्लिक रिलेशन और कम्युनिकेशन के कारोबार को ओर नजदीकी व बारीकी से सीखने में मदद की। अभिनव कहते हैं, ‘पापा सेना में ऑफिसर थे, इसलिए स्कूली शिक्षा मेरी अलग-अलग शहर में हुई। मैंने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से की है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इंग्लिश ऑनर्स में बीए की डिग्री ली। उसके बाद मैंने एक पीआर कंपनी में सेल्स टीम को जॉइन किया। नौकरी के साथ ही एडवरटाइजिंग एवं मार्केटिंग, ग्लोबल सेल्स एंड मार्केटिंग व जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज किए। फिर, दिल्ली के इंटरनेशनल मैनेजमेंट इंस्टीटय़ूट से बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा भी लिया, जो एमबीए के समकक्ष है। मैंने यह कोर्स पार्ट टाइम पाठय़क्रम के रूप में किया, क्योंकि उस समय मैंने अपनी पीआर एजेंसी का काम शुरू ही किया था। असल में उस समय मेरा शेडय़ूल बहुत ही कठिन हुआ करता था। मेरे लिए यह दौर सबसे अधिक चुनौती का था। एमबीए की पढ़ाई से मुझे अपने पब्लिक रिलेशन व कम्युनिकेशन के व्यवसाय को अधिक कौशल व प्रोफेशनल अप्रोच के साथ चलाने में मदद मिली।

एक्सपर्ट व्यू
प्रोफेशनल सोच का होता है विकास 
प्रो. अनु सिंह लाथर, डीन, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट,
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली

एमबीए के छात्रों में किस तरह की स्किल्स का होना जरूरी है।
हम एमबीए के छात्रों में शैक्षिक अनिवार्यताओं के अलावा किसी और तरह का कौशल नहीं तलाशते। एमबीए का पाठय़क्रम किसी भी पेशेवर, यहां तक कि गृहिणियों के लिए भी जरूरी है। अच्छा प्रबंधन हर क्षेत्र की मांग है। छात्र इसकी मदद से सही निर्णय लेना, संसाधनों का कुशलता से प्रबंधन करना और  लोगों से बातचीत की कला आदि सीखते हैं।

सामान्य एमबीए प्रोग्राम और स्पेशलाइजल्ड एमबीए प्रोग्राम्स में किस-किस तरह की संभावनाएं हैं?
एमबीए का आम प्रोग्राम सभी के लिए है। जिसे स्पेशलाइजेशन कहा जाता है, वह दरअसल सेक्टोरल प्रोग्राम है। बैंकिंग, फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, एविएशन आदि इन प्रोग्राम्स को इन सेक्टर्स की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया जाता है। पहले जहां बैंकिंग क्षेत्र में एक प्रोबेशनरी ऑफिसर की नियुक्ति सिर्फ पीओ एग्जाम के बाद हो सकती थी, वहीं अब बैंकों ने बैंकिंग में एमबीए पाठय़क्रम को भी तरजीह देना शुरू कर दिया है। वेतन की बात करें तो हर छात्र अपनी काबिलियत के अनुसार वेतन पाता है। जहां आईआईएम से निकले छात्र औसतन 25 से 30 लाख का सालाना पैकेज पा सकते हैं, वहीं किसी अन्य विश्वविद्यालय से एमबीए करने वाले का सालाना वेतन 6 से 6.5 लाख रुपये होता है।

फैक्ट फाइल
कोर्स 

मास्टर्स इन बिजनेस मैनेजमेंट (दो वर्षीय)
ह्यूमन रिसोर्सेज, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट, मार्केटिंग एंड एडवरटाइजिंग, टेलीकम्युनिकेशन एंड आईटी, होटल मैनेजमेंट, हॉस्पिटल मैनेजमेंट, इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट, एविएशन मैनेजमेंट, टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी, बायोटेक्नोलॉजी मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर एंड फूड बिजनेस, ऑयल एंड गैस मैनेजमेंट, मीडिया मैनेजमेंट, पेट्रोलियम स्टडीज, ब्रांड मैनेजमेंट

पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन बिजनेस मैनेजमेंट

एग्री बिजनेस
रिटेल मैनेजमेंट
हेल्थ केयर एडमिनिस्ट्रेशन
रियल एस्टेट
आईटी बिजनेस मैनेजमेंट

संस्थान

भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोलकाता, लखनऊ, इंदौर, कोझीकोड, लखनऊ आदि

इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद
www.isb.edu

जेवियर लेबर रिसर्च इंस्टीटय़ूट, जमशेदपुर
www.xlri.ac.in

फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, दिल्ली
www.fms.edu

एस.पी. जैन इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई
www.spjimr.org

मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीटय़ूट, गुड़गांव
www.mdi.ac.in

इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ फॉरेन ट्रेड, दिल्ली
www.iift.edu

जमनालाल बजाज इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुंबई
www.jbims.edu

इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद
www.imt.edu

सिम्बायोसिस इंस्टीटय़ूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, पुणे
www.sibm.edu

नारसी मॉनजी इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुंबई
www.nmims.edu

महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाएं

कैट- कॉमन एडमिशन टेस्ट, आईआईएम, कुछ आईआईटी संस्थान और कुछ टॉप बी स्कूल्स।
मैट- मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट एआईएमए। विभिन्न विश्वविद्यालय व बी-स्कूल्स।
एक्सएटी- एक्सएलआरआई जमशेदपुर के लिए  
एसएनएपी- सिम्बायोसिस नेशनल एप्टीटय़ूड टेस्ट
एमएएच-सीईटी- महाराष्ट्र एमबीए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
एफएमएस- दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की प्रवेश परीक्षा
इग्नू ओपन मैट- इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी

ऋण की सुविधा
सभी राष्ट्रीय बैंक भारत व विदेश में एमबीए की शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन उपलब्ध कराते हैं। इसके लिए बैंक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों व संस्थानों से ही एमबीए की डिग्री या समकक्ष पाठय़क्रम करने के लिए ऋण की सुविधा मुहैया कराते हैं।

वेतन
आईआईएम, आईएसबी आदि टॉप बी-स्कूल के छात्रों का पैकेज औसतन 20 से 25 लाख रुपये वार्षिक तक होता है। अन्य संस्थानों से एमबीए करने वाले छात्रों का औसतन पैकेज 5 से 6 लाख रुपये होता है।

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