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सांता, कैरल्स और उपहार, आ गया क्रिसमस का त्योहार

जिंगल बेल्स जिंगल बेल्स जिंगल ऑल द वे.. कानों में पड़ने लगे तो समझो आ गया क्रिसमस। क्रिसमस और नए साल की खुशियां दिसंबर महीने को आनंददायक बना देती हैं। क्रिसमस से याद आया, ओहो.. सांता क्लॉज भी तो आएगा अपनी बड़ी सी लाल झोली में तुम्हारे लिए ढेर सारे उपहार लेकर..। क्रिसमस से जुड़ी और ढेर सारी बातें बता रही हैं एम. मीनल

क्रिसमस और उपहारों का नाम सुनते ही आ गई ना  तुम्हारे चेहरे पर मुस्कुराहट! और हां, क्रिसमस वाली रात तो तुम्हें नींद ही नहीं आती है, सोचते रहते हो कि पता नहीं कब सांता आ जाएगा और उपहार दे जाएगा। फिर उसे थैंक यू भी तो बोलना है। इतनी सर्द रातों में वो हमारे लिए खिलौने दे जाता है। वो भी जो हम चाहते हैं वही। कब आकर सिरहाने रख कर चला जाता है, पता ही नहीं चलता.. यही सोचते हो न तुम सभी बच्चे हर साल क्रिसमस पर।

क्रिसमस, कैरल्स, केक कैंडिल और सांता के गिफ्ट्स ये सब एक साथ, तुम्हारी तो खुशी का ठिकाना नहीं होता। तो चलो जानते हैं कौन है ये दाढ़ी वाला सांता क्लॉज..।

क्रिस क्रिंगल फादर क्रिसमस और संत निकोलस के नाम से जाना जाने वाला सांता क्लॉज एक रहस्यमय और जादूगर इंसान है, जिसके पास अच्छे और सच्चे बच्चों के लिए ढेर सारे गिफ्ट्स हैं। इंग्लैंड में ये फादर क्रिसमस के नाम से जाने जाते हैं। इंग्लैंड के सांता क्लॉज की सफेद दाढ़ी थोड़ी और लंबी और कोट भी ज्यादा लंबा होता है।

गिफ्ट्स को एक बड़ी सी झोली में भरकर वो क्रिसमस के पहले की रात यानी 24 दिसंबर को अपने स्लेज पर बैठता है। उसके बाद पलक झपकते ही उसके स्लेज में 8 उड़ने वाले रेनडियर उसे बच्चों के बीच पहुंचा देते हैं, जिन्हें वो अपने सुंदर-सुंदर उपहार देकर दुनिया में खुशियां फैलाता है।

कहानी क्रिसमस ट्री की..

क्रिसमस का मौका हो और क्रिसमस ट्री की बात न हो, ऐसा हो सकता है भला..?
क्रिसमस पर इस ट्री का चलन जर्मनी से आरंभ हुआ। कहा जाता है कि मार्टिन लूथर ने क्रिसमस के अवसर पर अपने बच्चों के लिए बगीचे से फर का पेड़ लाकर अपने घर की नर्सरी में लगाया। इस पेड़ को उन्होंने कैंडल्स से सजाया ताकि वे जीसस के जन्मदिन पर बर्फीली रात की खूबसूरती को अपने बच्चों को दिखा सकें। पर क्रिसमस से इस पेड़ का जुड़ाव सदियों पुराना बताया जाता है। यूरोप में कहते हैं कि जिस रात जीसस का जन्म हुआ, जंगल के सारे पेड़ जगमगाने लगे थे और फलों से लद गए थे। यही वजह है कि क्रिसमस के दिन इस पेड़ को घर लाकर सजाते हैं।

इस पेड़ को घंटियों यानी बेल्स आदि से सजाते हैं, ताकि बुरी आत्माएं दूर रहें। वहीं घर में अच्छाइयों के प्रवेश के लिए एंजेल्स और फेयरी की मूर्तियां लगाई जाती थीं।

यूक्रेन में तो मकड़े यानी स्पाइडर व उसके बुने हुए जालों से क्रिसमस ट्री को सजाते हैं। वहां ऐसा माना जाता है कि एक गरीब परिवार के यहां क्रिसमस ट्री पर जाले लगे हुए थे। क्रिसमस की सुबह सूर्य की रोशनी पड़ते ही वे चांदी में बदल गए थे। ऐसी कई कहानियां हैं, जो ट्री को सजाने से लेकर जोड़ी गई हैं।

क्यों मनाते हैं क्रिसमस
बारह दिनों तक मनाए जाने वाले इस त्योहार का नाम क्रिसमस क्राइस्ट्स माइसे अथवा क्राइस्ट्स मास शब्द से हुआ है। ऐसा अनुमान है कि पहला क्रिसमस रोम में 336 ई. में मनाया गया था। यह प्रभु के पुत्र जीसस क्राइस्ट के जन्म दिन को याद करने के लिए पूरे विश्व में 25 दिसंबर को मनाया जाता है। क्रिसमस पर लोग चर्च जाकर प्रार्थना करते हैं और प्रभु की प्रशंसा में कैरल गाते हैं। वे प्यार व भाईचारे का संदेश देते हुए घर-घर जाते हैं।

चलो गाते हैं मीठे कैरल्स
कैरल्स यानी क्रिसमस के गीत। क्रिसमस आते ही हवाओं में हल्की संगीत की धुन गूंजने लगती है। कैरल्स शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के शब्द केरोलर से भी मानी जाती है, जिसका अर्थ है घूमते हुए नाचना। क्रिसमस गीतों में सबसे पुराने गीत का जन्म चौथी सदी में हुआ। हल्की-फुल्की और गाने में आसान धुनें 14वीं शताब्दी में चलन में आईं। फिर इसे इटली में सुना गया। क्रिसमस कैरल्स का सर्वाधिक लेखन और विकास तथा उन्हें प्रसिद्धि 19वीं शताब्दी में मिली है। कैरल्स को नोएल भी कहा जाता है। इन गीतों में पड़ोसियों के लिए शुभकामनाएं दी जाती हैं। इसमें क्रिसमस पर अपने पड़ोसियों के घर जाना और उनके साथ बैठकर क्रिसमस कैरल का आनंद लेना होता है।

क्रिसमस पार्टी की शुरू करो तैयारी

क्रिसमस तो नाम ही है सेलिब्रेशन का, तो क्या तुमने सब योजनाएं बना रखी हैं दोस्तों के साथ पार्टी की। चलो हम भी तुम्हें कुछ टिप्स दे देते हैं, जिससे तुम्हारी पार्टी को सांता क्लॉज भी फाइव स्टार देकर जाए। सबसे पहले तो घर आए मेहमानों को मुस्कुराकर विश करो.. मैरी क्रिसमस।

ऐसा न हो कि उधर मम्मी मेहमानों में बिजी हैं तो तुम अपने दोस्तों के साथ घर को बिखेरने में लग जाओ। ऐसा बिल्कुल मत करना। घर आए मेहमानों के स्वागत में मम्मी-पापा का हाथ बंटाओ। मम्मी ने तो बाउल में भर के टॉफियां और उपहार भी रखे होंगे न तुम्हारे दोस्तों के लिए। तो इन्हें बांटने में मम्मी की मदद करो।
साथ में तुम दे सकते हो खुद की ड्राइंग और पेंटिंग से बनाई हुई क्रिसमस ग्रीटिंग कार्ड। तो चलो अब वक्त बहुत कम है, शुरू कर दो कार्ड बनाना।

क्रिसमस से जुड़ी अजब-गजब बातें

विश्व में दो द्वीपों का नाम क्रिसमस पर आधारित हैं। पहला प्रशांत महासागर स्थित क्रिसमस आइलैंड और दूसरा हिंद महासागर का क्रिसमस आइलैंड।

जर्मनी में क्रिसमस पर केक चुराने का रिवाज है।

सबसे पहला क्रिसमस चौथी शताब्दी में मनाया गया था।

पूरे विश्व में ईस्टर पर 2.50 लाख टन और क्रिसमस पर दो लाख टन चॉकलेट खाई जाती है।

सांता क्लॉज के लाल कपड़े पहनाने की खोज कोका कोला कंपनी के दिमाग की उपज है।

हॉलमार्क कंपनी का पहला क्रिसमस कार्ड वर्ष 1915 में चलन में आया था।

क्रिसमस गिफ्ट के रूप में वर्ष 1886 में फ्रांस ने अमेरिका को स्टैचू ऑफ लिबर्टी दिया था। यह अब तक सबसे बड़ा क्रिसमस उपहार के रूप में गिनीज बुक में रिकॉर्ड है।

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