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दीवारों को रंगकर बन गया पेंटिंग का जूनियर आर्टिस्ट

 नोएडा। अंशिका सिंघल। उम्र चाहे कितनी भी हो, मन में अगर कुछ कर गुजरने की तमन्ना है तो कोई भी राह मुश्किल नहीं होती। ऐसी ही कुछ कहानी है 11 साल के प्रियम दास की। प्रियम कैंब्रिज स्कूल के कक्षा 6 के छात्र हैं। हाल में ही प्रियम ने 35 राज्यों के 105 बच्चों के बीच पीएम मनमोहन सिंह से नेशनल पेंटिग अवार्ड में पहला स्थान प्राप्त कर जूनियर आर्टस्टि के खिताब के साथ 1,00,000 रुपए प्राप्त किए हैं। प्ले क्लास से प्रियम कुछ न कुछ पेंट करते रहते हैं। कभी अपने घर की दीवारों को, तो कभी किताबों को।

प्रियम ने नेशनल अवार्ड में एनर्जी कंजरवेशन की थीम पर पेंटिंग बनाई थी। इस पेंटिंग को उनकी प्रिंसीपल ने सेलेक्ट करके कॉम्पीटीशन के लिए भेजा था। प्रियम बड़ा होकर बनना तो एयरलाइन इंजीनियर चाहते हैं। एयरोनोटिकल इंजीनियर बनने के पीछे भी राज ड्राइंग ही है।

वे बताते हैं कि मैं इस लाइन में भी इसलिए जा रहा हूं, क्योंकि इसमें भी तरह-तरह के चित्र बनाने को मिलते हैं। मुङो वैसे तो स्वीमिंग, कविताएं लिखने का शौक है, साथ ही पेंटिंग में मुङो सामाजिक विषयों पर पेंटिंग बनाना बहुत अच्छा लगता है।

पेस्टल, वॉटर, क्रेयान्स कलर से ही मैं पेंटिंग बनाता हूं। मुझे पेंटिंग करने में मेरे मम्मी-पापा सबसे ज्यादा सपोर्ट करते हैं और कहते हैं कि जो भी काम करो पूरा मन लगाकर करो। प्रियम की मां मिट्ठू दास बताती हैं कि इसको बचपन से ही ड्राइंग से बहुत ही प्यार है।

इस वजह से मैने इसे नर्सरी से आर्ट क्लासेस में भेजना शुरू कर दिया था। इसके टीचर मोहम्मद आशीव अली इसको हर रोज कुछ न कुछ नया सिखाते रहते हैं। प्रियम की मां उन्हें एमएफ हुसैन की तरह बहुत बड़ा पेंटर बनाना चाहती हैं। प्रियम के पापा प्रबीर दास बताते हैं कि मुझे भी बचपन में ड्राइंग बनाने का बहुत शौक था। अभी भी कभी-कभी पेंटिंग बना लेता हूं।

हम प्रियम को कभी भी किसी चीज के लिए फोर्स नहीं करते हैं।पेंटिंग में है बहुत कुछ खास नेशनल अवार्ड के लिए बनाई गई इस पेंटिंग में प्रियम ने थीम एनर्जी कंजरवेशन में सेव इलेक्ट्रीसिटी के ऊपर पेंटिंग बनाई थी।

इसमें उन्होंने पूरे भारत वर्ष को एक चेहरे का रूप दिया था। पेंटिंग के जरिए उन्होंने बताया कि हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए बिजली बहुत जरूरी है। अगर बिजली नहीं रहेगी तो पूरी दुनिया अंधेरे में डूब जाएगी।

साथ ही स्टेट लेवल में जीतने वाली पेंटिंग में प्रियम ने इंसान के चेहरे के प्रति रूप की गुल्लक बनाई थी। इस पेंटिंग के माध्यम से उन्होंने लोगों को बिजली का सही से उपयोग करके पैसे बचाने की हिदायत भी दी। प्रियम की टीचर ज्योति अग्रवाल बताती हैं कि प्रियम बहुत ही अलग और सुंदर पेंटिंग बनाते हैं।

साथ ही जब इतना छोटा बच्चा कोई नेशनल अवार्ड जीतता है तो बहुत ही खुशी होती है। कई अवार्ड जीत चुके हैं प्रियम जूलॉजिकल पार्क में जानवरों की पेंटिंग बनाने पहला स्थान प्राप्त स्थान किया मौलाना आजाद डेंटल इंस्टीट्यूट में स्माइलिंग फेस प्रतियोगिता में पहला स्थान इमेज प्रोग्राम में पेंटिंग प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया प्रियम स्कूल के स्वीमिंग चैंपियन भी है

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