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पांच बीडीओ सस्पेंड

बदायूं। हिन्दुस्तान संवाद। कादर चौक में इंदिरा आवास मामले में एक के बाद एक पर कार्रवाई शुरू हो गयी है। पिछले दिनों इसी मामले में आधा दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। यह मामला अभी ठंडा नहीं हो पाया कि शासन से सोमवार को पांच खण्ड विकास अधिकरियों को सस्पेंड कर दिया। मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में जैसे ही यह आदेश पहुंचा अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। नवंबर के अंत में शासन ने इंदिरा आवास में गड़बड़ी करने वाले नौ कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने तथा नुकसान की भरपाई करने के लिए निर्देश दिया गया था।

जिसके अनुपालन में कादरचौक में नौ कर्मचारियों के खिलाफ विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज करा दिया गया। शासन के इस फैसले पर कर्मचारियों ने कड़ी प्रक्रिया व्यक्त की और कहा कि इस पूरे मामले में कर्मचारी ही नहीं अधिकारियों का भी हाथ है। ऐसे में उनके खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए। एक तरफ कार्यवाही को लेकर कर्मचारियों का आक्रोश ठंडा नहीं हो पाया था कि सोमवार को पांच खण्ड विकास अधिकारियों आरपी मिश्रा , रनवीर सिंह, सुभाष, अतुल, राजाराम बंसल को शासन से सस्पेंड करने के बाद बरेली अटैच कर दिया गया है।

ये था मामला कादरचौक में इंदिरा आवास घोटाले का प्रकरण वर्ष 2008-09 से चल रहा है। इस पूरे प्रकरण में ग्राम वासियों की शिकायत थी कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली भगत से एक लाभार्थी को दो-दो आवासों का आवंटन कर दिया गया है, लेकिन उस समय गांव वालों की शिकायत पर अमल ही नहीं किया।

इसी का परिणाम रहा है कि सरकार से इंदिरा आवास के निर्माण के नाम पर आया सारा धन खर्च हो गया। जब यह मामला जिला स्तर से शासन स्तर तक पहुंचा तब जाकर विभाग में हड़कम्प मचा और शासन ने शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए पहले जिला स्तर के अधिकारियों से जांच करायी। इसके बाद खुद शासन की टीम ने आकर सत्यापन किया। इस पूरी प्रक्रिया में दो साल से ज्यादा समय लग गया। अब जाकर जांच का असर दिखना शुरू हुआ। कादरचौक में इंदिरा आवास मामले में पांच खंड विकास अधिकारी को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। चन्द्रकान्त, सीडीओ

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