DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जेएसइबी के हाथ से खिसके 574.72 करोड

रांची, रवि। जेएसइबी की लेटलतीफी के कारण कई योजनाएं कागजों पर ही सिमटी रह गई हैं। कई योजनाओं से हाथ भी धोना पड़ गया है। ऐसा ही मामला बीजीआरएफ स्कीम (बैकवर्ड रिजन ग्रांट फंड) से जुड़ा है। इस स्कीम के तहत बोर्ड को 574.72 करोड़ रुपए की राशि मिलनी थी। भारत सरकार ने 18 माह का समय डीपीआर बनाने के लिए दिया था, पर बोर्ड डीपीआर नहीं बना सका।

इस कारण स्कीम और इससे मिलने वाली राशि बोर्ड के हाथ से खिसक गई है। नियामक आयोग ने भी इस स्कीम की प्रगति पर लिखित जानकारी मांगी थी। दो सुनवाई के बाद भी बोर्ड इसका लिखित ब्योरा उपलब्ध नहीं करा सका। इस राशि से 11 स्कीमों को पूरा किया जाना था, जिससे राज्य की आधा दर्जन से अधिक ट्रांसमिशन लाइन दुरुस्त की जाती।’

18 महीने में नहीं बना पाया डीपीआर नहीं मिली राशि’ बीजीआरएफ स्कीम के तहत मिलनी थी राशि, ट्रांसमिशन लाइन दुरुस्त करने का दावा फेल’ नियामक आयोग ने भी मांगी थी लिखित जानकारी, जेएसइबी नहीं उपलब्ध करा सका लिखित ब्योरा’ 11 स्कीम के तहत निर्माण किया जाना था ट्रांसमिशन लाइनआयोग ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क दुरुस्त करने का हमेशा निर्देश देते रहा है।

इस स्कीम की जानकारी मांगी गई थी। पर बोर्ड ने इसका लिखित विवरण उपलब्ध नहीं कराया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जेएसइबी के हाथ से खिसके 574.72 करोड