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मुस्लिम आरक्षण पर राष्ट्रीय नीति बने : मायावती

भाईचारा सम्मेलन-कांग्रेस ने मुस्लिमों का सिर्फ वोट लिया -सपा के बयानों ने भावनाएं भड़काईं-बसपा ने साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखाविशेष संवाददाता लखनऊ बसपा मुखिया एवं राज्य की मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को यहां पार्टी के सम्मेलन में मुस्लिम वोटों को साधने के भरपूर प्रयास करते हुए कहा कि मुस्लिमों को आरक्षण देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाई जाए। उन्होंने 27 फीसदी अन्य पिछड़े वर्ग के आरक्षण कोटा में पिछड़े मुस्लिमों को अलग से आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसा करने से पहले ओबीसी का कुल कोटा बढ़ाया जाए। केन्द्र सरकार अगर कोटा बढ़ाकर दलित व पिछडेम् मुसलमानों और गरीब सवर्णो को आरक्षण देती है तो उनकी पार्टी समर्थन करेगी। मुसलमानों को कांग्रेस से आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को हुए वाकए में कांग्रेस और भाजपा की मिलीभगत थी। सच्चर कमेटी ने इसका खुलासा कर दिया है कि कांग्रेस ने मुस्लिमों का 40 साल तक सिर्फ वोट लिया उनके लिए किया कुछ नहीं। कांग्रेस की सरकारों में कई जगह भीषण दंगे और मुस्लिमों पर जुल्म-ज्यादती हुई। वहीं सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने ‘परिन्दा पर नहीं मार सकता’ जैसे बयानों से भावनाएं भड़काईं। जबकि उनकी सरकार ने उनकी सरकार ने साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। अयोध्या में जमीन के मालिकाना विवाद के मामले में 30 सितम्बर 2010 को आए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्णय के बाद केन्द्र के सहयोग के बगैर यूपी में कहीं कोई तनाव नहीं हुआ। बसपा मुखिया ने अपनी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण के वास्ते लिए गए फैसलों का विस्तार से जिक्र भी किया। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवादी घटनाओं में कुछ दिग्भ्रमित युवकों के शामिल हो जाने से पूरे कौम को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवादियों की न तो कोई जाति होती है और न ही मजहब।ं

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