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गोरखपुर-1-नेपाल में पेट्रो पदार्थ की कमी, तस्करी चरम पर

नेपाल में पेट्रो पदार्थो की कमी, सीमाई इलाके में बिक्री बढ़ी: शहरी पेट्रोल पम्प की अपेक्षा सीमा पर बिक्री दोगुनागोरखपुर/ सिद्धार्थनगरनेपाल में डीजल की कमी से भारतीय सीमा क्षेत्र में पड़ने वाले फिलिंग स्टेशनों से बिक्री बढ़ गई है। कमी के चलते शोहरतगढ़, बर्डपुर और बढ़नी के पेट्रोल पम्प से तस्करी तेज हो गई है। पेट्रो पदार्थो की कमी के का तस्कर जमकर फायदा उठा रहे हैं। भारत से नेपाल तक डीजल बकाया भुगतान न होने के कारण भारत पेट्रोलियम ने डीजल की सप्लाई कम कर दी है। नेपाल से सटे बर्डपुर, शोहरतगढ़ और बढ़नी पेट्रोल पम्प से तस्कर गैलन में डीजल खरीदकर नेपाल ले जा रहे हैं और एक लीटर डीजल में 5.50 रुपए से लेकर 12 रुपए तक का फायदा उठा रहे हैं ऐसा करें भी क्यों न, नेपाल ऑयल निगम और पेट्रोल पंप डीलरों ने एक बैठक कर कारखाने, स्कूल, अस्पतालों को निर्धारित मूल्य से 12 रुपए अधिक पर डीजल देने की घोषणा कर दी। जिसका तस्करों ने जमकर उठाया। भारत से 43.56 रुपए लीटर के हिसाब से डीजल खरीदकर नेपाल में बड़े प्रतिष्ठानों को 60 रुपए के हिसाब से उपलब्ध करा रहे हैं। नेपाल में भारतीय मुद्रा में डीजल की कीमत 48.56 रुपए है।हालत यह है कि जिले के पेट्रोल पम्पों पर जहां डीजल की ब्रिकी प्रतिमाह एक से साढ़े तीन लाख लीटर तक हो रही है वहीं सीमाई क्षेत्र के पेट्रोल पम्पों पर इसकी बिक्री पांच लाख से सात लाख लीटर तक बताई जा रही है। पड़ाेसी देश में डीजल की कमी से यहां बिक्री बढ़ने की बात इण्डियन आयल के अधिकारी भी मानते हैं। कंपनी के सेल्स आफीसर विकास वर्मा कहते हैं कि पिछले साल नवम्बर माह में 5500 केएल डीजल बिका था। जबकि इस वर्ष के नवम्बर माह में 6972 केएल डीजल की बिक्री हुई है। जानकार बताते हैं कि यदि नेपाल में इसी प्रकार के डीजल क्राइसेस आगामी कुछ महीने और बनी रही तथा सीमा के रखवालों द्वारा तस्करी पर अंकुश नहीं लगाया गया तो सीमाई पेट्रोल पम्पों पर बिक्री और भी तेज हो जायेगी।नेपाल में भारत की पेट्रो कंपनियों के बकाये के चलते पेट्रो पदार्थो की आपूर्ति में कमी कर दी गयी है। जिससे वहां पेट्रो पदार्थो का संकट खड़ा हो गया है। इसमें डीजल की खासी दिक्कत पैदा हो गयी है। बताया जा रहा है कि डीजल इतनी कम मात्रा में नेपाल में आ रहा है कि वहां की आयल निगम द्वारा वहां पर बड़ी खपत करने वाले जिसमें व्यवसायिक प्रतिष्ठान कारखाने, स्कूल, कालेज, अस्पताल आदि शामिल हैं, को निर्धारित मूल्य से बारह रूपया अधिक में डीजल की खरीद करनी होगी। जबकि छोटे खपत वालों को भारतीय मुद्रा के ंअनुसार साठ रूपया प्रति लीटर पर ही डीजल उपलब्ध होगा। नेपाल में डीजल की कमी का फायदा तस्कर जमकर उठा रहे हैं। तस्कर मुख्य मार्ग छोड़कर खुली सीमा के गैर परंपरागत मार्गो का प्रयोग डीजल को ले जाने के लिए कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार पेट्रोल पम्पों से डीजल की खरीद कर सीमावर्ती गांवों में ड़प करते हैं तथा रात के अंधेरे में बेखौफ होकर सीमा पार पहुंचाने का काम करते हैं। तस्करों पर है पैनी निगाह : एएसपीएएसपी कुलदीप नारायण कहते हैं कि तस्करी पर रोक लगाने के लिए हमारी पुलिस तत्पर है। तस्करों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। ंं

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