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फ्लैगपेट्रोल पंप को जमीन लीज पर देने में गड़बड़ी का मामलामेनफाइल दबाने वालों की तलाश, डीएम ने मांगी रिपोर्टगड़बड़ीनवीनीकरण कराने के बजाए खजाना भरने में लगे रहे अफसरबरेली। वरिष्ठ संवाददातानरीमन पेट्रोल पंप को लीज पर जमीन देने में हुई गड़बड़ी का खुलासा होने पर प्रशासन और पीडब्लूडी विभाग के अफसरों की नींद उड़ गई है। अब इस मामले में डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए पीडब्लूडी के एसई को पत्र भेजकर इस प्रकरण की फाइल दबाने वाले अफसर और बाबू के बारे में रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने इसे भी बेहद गंभीरता से लिया है कि लीज से जुड़ी फाइल नवीनीकरण कराने के लिए उनके सामने पेश क्यों नहीं की गई? इसके लिए दोषी कौन है? वैसे अब तक ही जांच में यह तो साफ हो गया कि पीडब्लूडी अफसर जमीन वापस लेने या नवीनीकरण करने के बजाए अपना खजाना भरने में लगे रहे।यह था मामलावर्ष 1955 में पीडब्लूडी ने नरीमन एंड संस पेट्रोल पंप के नाम शाहमतगंज चौराहे के पास सैटेलाइट रोड पर दस वर्ष के लिए जमीन लीज पर दी थी। वर्ष 1964 में यह लीज खत्म होने के बाद इसका नवीनीकरण होना चाहिए था या फिर जमीन वापस होनी चाहिए थी पर, पीडब्लूडी अफसरों ने दोनों में से कोई काम नहीं किया और किराया जमा करते रहे। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वर्ष 1964 से लेकर अब तक जितने भी डीएम और पीडब्लूडी में एसई तैनात रहे उनके खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए? इस मामले में करीब 35 आईएएस की गर्दन फंस रही है।डीएम ने पीडब्लूडी से मांगी रिपोर्टइस प्रकरण का खुलासा होने पर डीएम सुभाष चंद शर्मा ने शनिवार को ही पीडब्लूडी के एसई और चीफ इंजीनियर को पत्र भेजकर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने पूछा है कि यह फाइल 46 वर्ष तक क्यों दबी रही? इस फाइल को दबाने में कौन-कौन अफसर और बाबू शामिल हैं? जमीन वापस लेने की कार्रवाई बीच में ही क्यों रोक दी और नवीनीकरण के लिए फाइल डीएम के पास क्यों नहीं भेजी गई? ेअब एनएचएआई के पास है मामलानरीमन पेट्रोल पंप को लीज पर जमीन देने का मामला अब एनएचएआई के पास है। नेशनल हाईवे होने के कारण सैटेलाइट रोड की देखरेख एनएचएआई के जिम्मे है जिसके कारण दो साल पहले शासन के निर्देश पर पीडब्लूडी के एनएच खंड ने यह सड़क एनएचएआई को हैंडओवर कर दी। काउंटर दाखिल करने डीएसओ इलाहाबाद पहुंचेहाईकोर्ट के जवाब तलब करने पर एडीएम प्रशासन राधेश्याम मिश्रा ने काउंटर तैयार कराया है। काउंटर दाखिल करने के लिए डीएसओ केएल तिवारी रविवार की देरशाम इलाहाबाद पहुंच गए। वह हाईकोर्ट में सोमवार को काउंटर दाखिल कर प्रशासन का पक्ष रखेंगे।लीज की जमीन पर चल रहे हैं दर्जनों पंपबरेली शहर और हाईवे किनारे संचालित करीब दर्जनभर पेट्रोल पंप ऐसे हैं जो लीज की जमीन पर संचालित हैं। इनके पास पीडब्लूडी, सेना, वन विभाग, नगर निगम, उद्यान विभाग की जमीन लीज पर हैं। इनमें से कुछ विभागों ने लीज खत्म होने पर जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की तो पंप संचालक कोर्ट में चले गए। जिसके कारण यह मामले अभी भी कानूनी पेचदगियों में फंसे हुए हैं। नरीमन पेट्रोल पंप प्रकरण के बाद जहां विभागों ने अपनी जमीन वापस लेने का मन बनाया है वहीं पंप संचालकों ने भी बचाव का रास्ता तलाशना शुरू कर दिया है।

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