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गंगा मैया को कूड़ा ढोने वाली मालगाड़ी मत बनाओ

गंगा मैया को कूड़ा ढोने वाली मालगाड़ी मत बनाओ, आओ जनसहभागिता के जरिए पवित्र नदी को मूल स्वरूप में लौटाने के प्रयास को सार्थक करें। ऐसे तमाम संकल्प लेने के लिए सोमवार को सरसैया घाट स्थित गोकुल प्रसाद धर्मशाला में ‘गंगा आंदोलन और जनसहभागिता’ कार्यशाला होगी। कार्यशाला के बाद सरसैया घाट पर गंगा आरती भी होगी।

जल बिरादरी के प्रदेश प्रभारी अरविंद कुशवाहा ने बताया कि यह कार्यशाला 10 नवंबर को समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से शहर के घाटों पर देव दीपावली के प्रयोग की सफलता की अगली कड़ी है। कार्यशाला में आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष जीडी अग्रवाल, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन एसपी गौतम, गंगा बेसिन अथारिटी के प्रो.राशिद हयात सिद्दीकी, राजेंद्र सिंह, अरुण पुरी, चैतन्य महाराज, बिहार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सरयू राय, जल बिरादरी के अध्यक्ष अरुण तिवारी समेत पांच राज्यों से गंगा और पर्यावरण पर काम करने वाले विशेषज्ञ भाग लेंगे।

कार्यशाला का आयोजन गंगा देव दीपावली समिति कर रही है। समिति के मीडिया प्रभारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि कार्यशाला का एक उद्देश्य देव दीपावली उत्सव की जानकारी अन्य प्रदेशों को देना भी है। साथ ही कार्यशाला में गंगोत्री से गंगा सागर तक देश भर के गंगा के तटों पर तीन पर्व धूमधाम से मनाने का भी संकल्प लिया जाएगा। इसमें गंगा दशहरा, गंगा संरक्षण सप्ताह राष्ट्रीय पर्व हैं और एक जिले का स्थानीय पर्व होगा, जैसे कानपुर में लगने वाला होली का मेला।

कार्यशाला में देव दीपावली पर भाग लेने वाले पुरोहितों, नाविकों, मछुआरों और गंगा के किनारे रहने वाले विभिन्न जाति और वर्ग के लोगों को भी शामिल किया जाएगा। सभी उत्सव के संदर्भ में अपने अनुभव भी बांटेंगे। साथ ही गंगा आंदोलन के अगले चरणों पर भी विचार किया जाएगा।
कार्यशाला की तैयारी की जिम्मेदारी समिति के सचिव मदनलाल भाटिया, प्रवीण शुक्ल, नरेश चंद्र अग्रवाल, विनय पाण्डेय, प्रवन मिश्र, श्रीष पाण्डेय को सौंपी गई है।

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