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कृत्रिम पैर से एवरेस्ट फतह करने का हौसला

फुटबॉल और वालीबॉल की नेशनल खिलाड़ी रह चुकी अरुणिमा सिन्हा उर्फ सोनू ने ट्रेन हादसे में एक पैर गंवा दिया, मगर हौसला नहीं खोया। एक पैर आर्टिफिशियल होने के बावजूद वह एवरेस्ट को फतह करने के लिए तैयार है।
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचने में उसकी मदद करेंगी बचेंद्री पॉल। एवरेस्ट पर पहुंचने वाली दुनिया की पहली महिला बचेंद्री अरुणिमा को प्रशिक्षण देने के लिए तैयार हो गई हैं। उसकी प्रारंभिक ट्रेनिंग तीन मार्च से जून तक उत्तराखंड के उत्तरकाशी में होगी।

इसके बाद बचेंद्री के निर्देशन में वह किसी अन्य प्रशिक्षण अकादमी में दाखिला लेगी और फिर एवरेस्ट पर चढ़ाई शुरू करेगी। उसने बताया कि पिता का निधन हो चुका है। एवरेस्ट फतह के मेरे इरादे को मां और परिवार का पूरा समर्थन है। इसलिए मंजिल पाने के लिए जितनी भी मेहनत करनी होगी करूंगी।

लॉ की पढ़ाई कर रही अरुणिमा मशहूर शूटर जसपाल राणा की मदद से 2012 में लंदन में होने जा रहे पैरा ओलंपिक खेलों की तैयारियों में भी जुटी है। ओलंपिक में वह शूटिंग में हिस्सा में लेगी और एयरगन से घर में ही अभ्यास कर रही है। केंद्रीय खेल मंत्रलय ने उसे अत्याधुनिक उपकरण दिलाने का भरोसा दिया है।

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