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नए अवतार में असली मिस्टर हीरो

नए अवतार में असली मिस्टर हीरो

अनिल कपूर रोजर डोनाल्ड की थ्रिलर सिटीज में भी एक अहम रोल कर रहे हैं। पर अनिल इसे एक बहुत सामान्य सी बात मानते हैं। वह कहते हैं कि मै सिर्फ एक अभिनेता हूं। देसी या विदेशी किसी भी सिनेमा से मुझे कोई गुरेज नहीं है। ऐसे में कुछ नायक जब यह कहते हैं कि वे हॉलीवुड से दूर रहना चाहते हैं, तो बात थोड़ी सी अटपटी लगती है। मैं तो सिर्फ यह देखता हूं कि पूरी फिल्म में मेरा रोल कितना उभर कर सामने आयेगा।

हॉलीवुड फिल्म 'मिशन इंपॉसिबल 4' में अनिल कपूर की मौजूदगी की चर्चा पिछले काफी समय से हो रही है। अभी हाल में इस फिल्म के मुख्य स्टार टॉम क्रूज फिल्म के प्रमोशन के लिए मुंबई आये, तो अनिल कपूर ने उनके आने की खुशी में होटल ताज में एक शानदार पार्टी दी। यह एक्टर अनिल कपूर का नया रूप है। असल में उन्हें ऐसी फिल्मी गतिविधियों से अक्सर बहुत दूर देखा जाता है। उनकी बेटी सोनम हंसकर बताती हैं कि पापा का ध्यान तो हमेशा अपनी फिल्में और अपनी एक्टिंग की तरफ रहता है।

शायद यही एक सबसे बड़ी वजह थी कि सुपर स्टार बनने का कोई मोह उन्होंने नहीं पाला। इसका दूरगामी नतीजा उन्हें यह मिला है कि जहां 55 की इस उम्र में उनके समकालीन ज्यादातर अभिनेता छिट-पुट पारी खेल रहे हैं, अनिल अब भी सेंचुरी मारने की क्षमता रखते है। वे लगातार इसे प्रूव भी कर रहे हैं। हॉलीवुड फिल्मों में उनकी एंट्री इस बात का स्पष्ट संकेत है। पहली बार स्लॅमडॉग मिलनियर के अपने रोल से उन्होंने सभी को आकर्षित किया था, टीवी सीरिज 24 में उनकी तारीफ हुई और अब वे टॉम क्रूज के साथ मिशन इंपॉसिबल 4 में नजर आ रहे हैं। इस फिल्म में उन्होंने एक छोटा-सा रोल किया है, पर यह काफी अहम है।’ तो दूसरी ओर अनिल के प्रिय मित्र सतीश कौशिक कहते हैं कि अपनी काबिलियत से वह दूसरों पर छा जाता है। मुझे कोई आश्चर्य नहीं होगा, कल यदि उसे हॉलीवुड फिल्मों के ऑफर भी नियमित रूप से मिलने लगे।

देखा जाए तो इसकी शुरुआत हो चुकी है। अब अनिल कपूर रोजर डोनाल्ड की थ्रिलर फिल्म सिटीज में भी एक अहम रोल कर रहे हैं। अनिल इसे एक बहुत सामान्य सी बात मानते हैं। वह कहते हैं, ‘मै सिर्फ एक अभिनेता हूं। देसी या विदेशी किसी भी सिनेमा से मुझे कोई गुरेज नहीं है।’ ऐसे में कुछ नायक जब यह कहते हैं कि वे हॉलीवुड से दूर रहना चाहते हैं, तो बात थोड़ी सी अटपटी लगती है। मैं तो सिर्फ यह देखता हूं कि पूरी फिल्म में मेरा रोल कितना उभर कर सामने आयेगा। वह चाहे स्लॅमडॉग मिलेनियर हो या मिशन इंपॉसिबल 4 हो। हिंदी फिल्मों की तरह यहां भी सिर्फ मुझे अपने रोल की तलाश रहती है। जाहिर है ये रोल मुझे पसंद है।’

उनके मुताबिक किसी भारतीय अभिनेता का हॉलीवुड की फिल्मों में काम करना कोई बड़ी बात नहीं है। वह कहते हैं, ‘मुझसे पहले भी कई कलाकारों ने हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है और कर रहे हैं। अहम बात यह है कि आखिर आप उन फिल्मों में क्यों काम करना चाहते हैं। मेरा ख्याल है कि देश-विदेश की फिल्में, उनमें काम करके यदि आप अपना कोई प्रभाव छोड़ नहीं पाते हैं, तो ऐसी किसी भी फिल्म में काम करने का कोई औचित्य नही है।’ यह हुई न असली हीरो वाली बात। उनकी कई फिल्मों का लेखन-निर्देशन कर चुके अनीस बज्मी कहते हैं,‘कुछ नया सीखने की उनकी ललक जबरदस्त है। मेरे ख्याल से उनके दीर्घकालीन एक्टिंग करियर का मूलमंत्र यही रहा है।’ 

सबसे आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि फिल्में करने के मामले में उन्होंने कोई संकोच नहीं किया है। 150 से ज्यादा फिल्मों में काम करने के बाद उनके बारे में यह कहना एकदम स्वभाविक है। उनके साथ रेस 2 बना रहे निर्देशक अब्बास-मस्तान कहते हैं, ‘वे इतना फिट हैं, हमें समझ में नहीं आता है कि फिर उन्होंने अपने आपको रोमांटिक रोल से इतना दूर क्यों कर लिया है। अब वे हीरोइन के साथ ठुमके लगाने से बचते हैं।’ अनिल इस बात को कबूल करते हैं, पर रोमांटिक भूमिका से परहेज की बात खारिज कर देते हैं।

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