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दो जगह से वेतन ले रहे यूपी के लघु उद्योग

लखनऊ प्रमुख संवाददाता। उत्तर प्रदेश के लघु उद्योग मंत्री चन्द्रदेव राम यादव दो जगहों से वेतन ले रहे हैं। बतौर मंत्री भी और साथ ही समाज कल्याण विभाग के तहत चल रहे स्कूल से भी। लोकायुक्त संगठन में दर्ज शिकायत की जांच के सिलसिले में यादव ने लोकायुक्त को भेजे जवाब में कोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर कहा है कि उनके खिलाफ इस बिन्दु की जांच नहीं हो सकती है।

जिस पर लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने उनसे पूछा है कि वह समाज कल्याण विभाग की सहायता से संचालित विद्यालय से प्रधानाध्यापक के रूप में वेतन ले रहे हैं या नहीं? जवाब दाखिल करने की अंतिम तारीख 23 दिसम्बर निर्धारित की गई है।

आजमगढ़ निवासी इन्द्रासन सिंह समेत तीन लोगों ने लोकायुक्त संगठन में दर्ज कराई शिकायत में कहा था कि लघु उद्योग ने ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके काशी चन्द्रदेव राम यादव पॉलीटेक्निक बना ली है। परिवार के कई सदस्यों के नाम एक माह में आधा दर्जन से अधिक लाइसेंस जारी कराए और कीमती रिवाल्वर, पिस्टल खरीदी। एक आरोप यह भी कि यादव मंत्री और काशी माध्यमिक विद्यालय हाजीपुर बम्हौर आजमगढ़ से बतौर प्रधानाध्यापक वेतन ले रहे हैं।

लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने बीएसए आजमगढ़, जिला समाज कल्याण अधिकारी आजमगढ़ से रिपोर्ट मांगी थी। दोनों अधिकारियों ने लोकायुक्त को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि चन्द्रदेव राम यादव काशी माध्यमिक विद्यालय में बतौर प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं।

यह स्कूल समाज कल्याण विभाग से वित्त पोषित है। यादव दिसम्बर 2006 से इस स्कूल से वेतन ले रहे हैं। इस बीच चन्द्रदेव राम ने लोकायुक्त संगठन को वकील के जरिए भेजे जवाब में अदालत के कुछ फैसलों का हवाला देकर कहा है कि वह इस प्रकरण की जांच नहीं कर सकते हैं। अब लोकायुक्त ने यादव को नोटिस भेजकर पूछा है कि वह 23 दिसम्बर तक बताएं कि प्रधानाध्यापक का वेतन लेते हैं या नहीं? साथ ही डीएम को तीन दिनों के अन्दर जमीन कब्जे के आरोपों की जांच रिपोर्ट मांगी है।

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