DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कोसी महासेतु के असर का अध्ययन करेंगे विधान पार्षद

पटना (हि.ब्यू.)। कोसी महासेतु से क्षेत्र की सांस्कृतिक, भौगोलिक व आर्थिक स्थितियों पर पड़े फर्क का अध्ययन करने विधानपार्षद वहां जाएंगे। सभापति ताराकांत झा की पहल पर विधानपरिषद अपने तमाम सदस्यों को महासेतु से सम्बद्ध क्षेत्रों के दौरे पर ले जाने की योजना बना रहा है। महासेतु बनकर तैयार है और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से उसके उद्घाटन की योजना है।

विधानपार्षद उद्घाटन के बाद ही वहां जाएंगे। ताराकांत झा ने बताया कि कोसी महासेतु ने दो भागों में विभक्त मिथिला को एक सूत्र में पिरोया है। कोसी पर बना पुल वर्ष 1934 में भूकम्प के कारण टूट गया और फिर दशकों तक नहीं बन पाया। तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर वहां एक महासेतु बनाने की योजना बनी। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2003 में इसका शिलान्यास किया। अब वह बनकर तैयार हो चुका है। इसके बन जाने के बाद सहरसा-दरभंगा की दूरी काफी कम हो जाएगी। और यह दूरी तय करने में काफी समय की बचत भी होगी। इसी तरह लंबी दूरी की रेलगाडिम्यों को पहले की अपेक्षा 150 किलोमीटर तक की दूरी कम तय करनी होगी। इस पुल ने बड़ा फर्क पैदा कर दिया है और हमारे विधानपार्षद इसे करीब से देखेंगे। विधानपार्षदों का दल पहले महासेतु होकर जाएगा और वापसी में वह मौजूदा परम्परागत रास्ते से लौटेगा। इससे महासेतु के निर्माण की जरूरत का व्यावहारिक अध्ययन होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कोसी महासेतु के असर का अध्ययन करेंगे विधान पार्षद