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इंसुलेटर की जगह लगेगी एंटी फॉग डिस्क

ट्रांस हिंडन। शरद पाण्डेय। कोहरे के दौरान गाजियाबाद में बिजली सप्लाई ठप होने की समस्या से लोगों को निजात मिल जाएगी। केंद्रीय बिजली नियामक आयोग ने जिले में इंसुलेटर को बदलकर एंटी फॉग डिस्क लगाने का निर्देश जारी कर दिया है। क्योंकि एंटी फॉग डिस्क का प्रयोग सफल रहा। कोहरे के दौरान बिजली ठप होने का कारण इंस्युलेटर ही होते हैं। इसमें धूल जम जाने से आपूर्ति बाधित हो जाती है। आयोग द्वारा कराए गए अध्ययन से यह बात सामने आई है कि एनसीआर के चारों शहरों में गाजियाबाद में कोहरे की वजह से अधिक ब्रेक डाउन होते हैं। इसलिए एंटी फॉग डिस्क लगाने की शुरुआत गाजियाबाद से होगी।

गर्मियों में लोड अधिक पड़ने पर लोकल फाल्ट होने की शिकायत आम होती है, लेकिन सर्दियों में जब कोहरा पड़ता है तब भी लोकल फाल्ट की वजह से ब्रेक डाउन भी खूब होते हैं। इसका प्रमुख कारण इंसुलेटर में गंदगी और धूल जमा होना है। हाईटेंशन टावर में तार इंसुलेटर पर बांधे जाते हैं। इन पर धूल आदि जमा होती रहती है और कोहरा पड़ने के साथ करंट दूसरी लाइन में पास हो जाता है और ब्रेक डाउन हो जाता है। ये इंसुलेटर चीनी मिट्टी के होते हैं।

इसको रोकने के लिए केन्द्रीय विद्युत नियायम आयोग ने प्रयोग के तौर पर कई जगह एंटी फॉग डिस्क लगाए थे। इसके सफल प्रयोग को देखते हुए आयोग ने जिले में इंसुलेटर बदलने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इन्हें बदलने का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है। डिस्क और इंसुलेटर में क्या है फर्क इंसुलेटर चीनी मिट्टी का होता है, जिसमें हवा में उड़ रही धूम जमा हो जाती है। कोहरा पड़ने पर करंट दूसरी लाइन में पास हो जाता है। वहीं पर एंटी फॉग डिस्क कांच की होती है। यह इतनी चिकनी होती है कि धूल व गंदगी इसमें जमा नहीं हो पाती है। कोहरे की वजह से करंट दूसरी लाइन में पास होने का खतरा नहीं रहता है।

-टी फॉग डिस्क लगाने की कवायद काफी दिनों से चल रही थी। ये डिस्क लगने के बाद कोहरे के दौरान सप्लाई ठप होने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। आयोग के निर्देश पहुंचते ही टेंडर आदि निकालकर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। वैराग्य बंसल, अधिशासी अभियंता, ट्रांसमिशन

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