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ग्रेनो और बुलंदशहर के पानी से बुझेगी टीएचए की प्यास

 गाजियाबाद। गौरव त्यागी। ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर का मीठा पानी अब टीएचए के लोगों की प्यास बुझाएगा। गंगा और अपर गंगा कैनाल के आसपास के इलाकों का पानी एनसीआर के दूसरे हिस्सों में भेजा जाएगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की रिपोर्ट के बाद अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस प्रोजेक्ट का पूरा खाका तैयार करेगा। 2021 तक एनसीआर यूपी सबरीजन में पानी के नेटवर्क और डिस्ट्रीब्यूशन पर 3300 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने यूपी सबरीजन का वाटर प्लान तैयार किया है।

इससे साफ हुआ है कि 2021 तक यूपी सबरीजन को 3086 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। अभी टीएचए और नोएडा में गंगाजल के सहारे पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन बढ़ती आबादी के चलते गंगाजल से आपूर्ति पूरी नहीं सकती है। विसकस एजेंसी की रिपोर्ट में साफ हुआ है कि ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के कई इलाकों में ग्राउंड वाटर बहुत अच्छा है। इसके चलते यहां बारिश का पानी भी रिचार्ज नहीं हो पाता है। गंगा और अपर गंगा कैनाल के चलते पानी मीठा है और इसका पीने में इस्तेमाल किया जा सकता है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने इस रिपोर्ट के बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को पूरा प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा है।

3300 करोड़ होगा खर्चपानी के पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एनसीआर ने सिफारिश की है कि खर्चे का 25-25 फीसदी शेयर केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार वहन करें। जबकि एनसीआर 50 फीसदी लोन देगा।

पानी पर विसकस की रिपोर्ट के बाद ग्रेनो से प्लान बनाने को कहा है। वहां कई इलाकों में अच्छा पानी है। ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के पानी की आपूर्ति दूसरे हिस्सों में की जाएगी। एससी गौड़, कार्यवाहक चीफ प्लानर, एनसीआरपानी की मांग (एमएलडी में) प्रदेश 2001 2021 हरियाणा 1046 2412 राजस्थान 266 664 यूपी 1433 3086 दिल्ली 3584 5822

पोटेंशियल वॉटर रिचार्जेबल एरिया(वर्ग किलोमीटर में)दिल्ली 33हरियाणा 162.61राजस्थान 154.64यूपी 344.35टीएचए की हालतमांग 113 एमएलडीआपूर्ति 83 एमएलडीगंगाजल 73 एमएलडीकमी 30 एमएलडी

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