DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भ्रष्टाचारियों को सजा

एक लघुकथा पढ़ी थी। उसके मुताबिक, एक सिपाही ने किसान से बिना पूछे ही उसके खेत से गन्ना तोड़ लिया। किसान ने राजा से शिकायत कर दी। राजा ने उस सिपाही को फांसी की सजा सुना दी। मंत्रियों ने राजा से कहा कि महाराज, एक गन्ना तोड़ने की सजा मौत तो बहुत ज्यादा है। इस पर राजा ने कहा, ‘नहीं, जिसके जिम्मे सुरक्षा व्यवस्था हो, वही चोरी करे, तो यह अक्षम्य अपराध है।’ आज हमारे नेता भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में फंसे हैं। यहां दो बातें हो सकती हैं। अगर उन्हें बेवजह आरोपों में घसीटा जा रहा है, तो उन्हें तत्काल बरी किया जाए और आरोप में फंसाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो या अगर अदालत उन्हें दोषी मानती है, तो उन्हें कठोरतम सजा मिले।
इंद्र सिंह धिगान, रेडियो कॉलोनी, किंग्जवे कैंप, दिल्ली

ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया
वेस्टइंडीज को घरेलू मैदान पर मात देकर टीम इंडिया ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दिया है। वाकई मौजूदा भारतीय टीम अपने सर्वेश्रष्ठ दौर में है। जहां एक ओर सचिन, सहवाग जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी इस टीम के हिस्से हैं, वहीं कई नए चेहरे भी शामिल हैं। अनुभव और जोश, दोनों से संतुलित है टीम। रोहित शर्मा लगातार उम्दा प्रदर्शन कर रहे हैं। टेस्ट और वनडे, दोनों फॉरमेट में टीम जीत रही है। वैसे अब मुकाबला ऑस्ट्रेलिया जैसी दमदार टीम से है। देखना होगा कि टीम इंडिया अपनी काबिलियत विदेशी जमीन पर साबित कर पाती है या नहीं।
अजय राणा, कौशांबी, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

इंसानियत सबसे जरूरी
यह पढ़कर सुखद आश्चर्य हुआ कि दिल्ली एयरपोर्ट पर तिल-तिल मरने को मजबूर ग्रेहाइड प्रजाति के कुत्ते ‘ऐश’ को बचाने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, पेटा की इंडिया चीफ पूर्वा जोशी, कृषि मंत्रालय के अधिकारी और कई स्वयंसेवी संगठन आगे आए हैं। इस मानवीय संवेदना की सराहना की ही जानी चाहिए। स्पष्ट है, ‘ऐश’ की जिंदगी सुधरेगी और ‘ऐश’ जैसे कई और जानवरों पर भी लोगों की नजर पड़ेगी। परंतु मेरी इच्छा यह है कि इसी तरह की मानवीय संवेदनाएं आदमियों के प्रति भी बरती जाए। हमारे देश के सुदूर हिस्सों में पशु से भी बदतर जिंदगी जीने के लिए लोग बेबस हैं। इस देश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो बस इंसानों के प्रति संवेदना बढ़ाने की।
आर.एम.एस. विजयी, पूर्वी गोकलपुर, लोनी रोड, दिल्ली

बेरोजगारों का मजाक
पिछले दिनों ‘छात्रों को बैंकिंग के गुर सिखाएगा रिजर्व बैंक’ शीर्षक समाचार पढ़ा। उसमें बताया गया था कि ‘आरबीआई यंग स्कॉलर्स अवॉर्ड स्कीम’ के अंतर्गत चुने हुए 150 छात्रों को सामान्य कर्मचारी की तरह दो/तीन माह की अवधि के लिए बैंक के विभिन्न कार्यालयों में 7,500 रुपये की मासिक छात्रवृत्ति पर कार्य करना होगा। साफ है, अब रिजर्व बैंक भी बेरोजगार छात्रों की बेबसी का फायदा उठाने को उत्सुक है। केवल 7,500 रुपये देकर बेरोजगार छात्रों से काम लिया जाएगा और प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद उनका क्या होगा? दरअसल बैंक अब कर्मचारियों की भर्ती नहीं करके छात्रों के शोषण पर उतर आए हैं। रिजर्व बैंक को छात्रों की बेबसी का मजाक न उड़ाकर नियमित स्टाफ भर्ती करना चाहिए, ताकि बैंक के काम ठीक तरीके से चल सकें।
भीमबली वर्मा, श्रेष्ठ विहार, दिल्ली

बेचारी जनता
महंगाई से त्रस्त यह जनता देखे दाएं-बाएं/समाचार सब तो नहीं पढ़ते उनको क्या समझाएं/वोट दिया था जिनको वह तो निकले निरंकुश/अकल न आती जनता को धक्के पे धक्के खाए।
प्राणनाथ ‘प्राण मेरठी’, मेरठ

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भ्रष्टाचारियों को सजा