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आरक्षण के लिए बसपा काम रोको प्रस्ताव लाए: मुस्लिम मोर्चा

ऑल इंडिया यूनाईटेड मुस्लिम मोर्चा (एआईयूएमएम) ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती पर मुसलमानों के प्रति झूठी सहानुभूति का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि यदि बसपा सच में मुस्लिम हित चाहती है तो सांसदों को इस सवाल पर लोकसभा में काम रोको प्रस्ताव लाना चाहिए।
 
एआईयूएमएम के अध्यक्ष एम.ए.सिद्दीकी ने संवाददाताओं से कहा कि सुश्री मायावती ने विधानसभा चुनाव को तजदीक देख मुस्लिम आरक्षण की मांग शुरू की है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है। सुश्री मायावती आगामी रविवार को राजधानी लखनऊ में मुस्लिम, क्षत्रीय, वैश्य सम्मेलन भी करने जा रही हैं। मुसलमानों के लिए कागजी योजना बनाने के बजाय उन्हें पिछडों के 27 प्रतिशत आरक्षण कोटा में उन्हें मुसलमानों के लिए 8.44 प्रतिशत कोटा सुनिश्चित करने की घोषणा करनी चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि यदि सुश्री मायावती यह नहीं करती हैं तो उन्हें मुस्लिम हित की बात बंद कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दलित मुस्लिम आरक्षण के सवाल पर सभी राजनीतिक दल राजनीति करते आए हैं लेकिन किसी ने भी आरक्षण देने के सवाल पर गंभीर पहल नहीं की।

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