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कारपोरेट कंपनियों को कम कीमत में दी गईं टिकटें

एक तरफ जहां आम नागरिक राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन और समापन समारोहों की टिकट पाने की जुगत में लगे रहे, वहीं ये टिकटें खेल आयोजन समिति के बर्खास्त अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के निर्देशों पर कथित तौर पर बहुत कम कीमतों पर बिजनेस क्लबों में पहुंचा दी गयीं।

सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि एजेंसी द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों के टिकटों की बिक्री के मामले में प्रारंभिक जांच में ये नतीजे सामने आये हैं। इस घोटाले से राजकोष को 70 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। ढाई करोड़ रुपये का नुकसान अकेले कलमाड़ी के निर्देशों के चलते ही हुआ।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई को पता चला है कि सुरेश कलमाड़ी ने कथित तौर पर अधिकारियों को उद्घाटन समारोह के 220 से ज्यादा टिकट और समापन समारोह के 330 से ज्यादा टिकट एक कारपोरेट क्लब को कीमत से दसवें हिस्से में देने का निर्देश दिया था। इन टिकटों की कीमत 50-50 हजार रुपये थी और इस मामले में राजकोष को ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

सीबीआई की प्रारंभिक जांच बताती है कि महासचिव ललित भनोट और निदेशक मोनिका जॉली ने कलमाड़ी के साथ मिलकर कथित तौर पर आम जनता के लिए चिन्हित उद्घाटन और समापन समारोह की टिकटें दबा लीं और इसके बजाय इन्हें कांप्लीमेंट्री टिकट के रूप में इस्तेमाल किया।

आधिकारिक टिकटिंग साझेदार आईआरसीटीसी की ओर से आपत्ति जताये जाने के बाद भी यह जारी रहा। सूत्रों ने कहा कि जॉली ने आपत्तियों के बावजूद और अधिक कांप्लीमेंट्री टिकटें छापने का निर्देश दिया और उन्हें आम जनता को बेचने से रोका।

सूत्रों ने कहा कि एजेंसी को पता चला कि आम लोग टिकट पाने की कोशिश में लगे रहे और अधिकतर टिकट खेलों के दौरान बिक नहीं सके।

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