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3000 बेटियों को 175 रुपए का झटका

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। सरकार की कार्यशैली का खामियाजा इंटर कॉलेज में पढ़नेवाली छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। करीब दो दर्जन इंटर कॉलेजों की मान्यता की फाइल विगत नौ महीने से एचआरडी में डंप है। अब आलम यह है कि इंटर परीक्षा 2012 के लिए फार्म भरे जा रहे हैं। 16 तक फार्म भरने की तिथि निर्धारित की गई है।

मान्यता नहीं मिलने के कारण इन कॉलेजों में पढ़नेवाली छात्राओं को परीक्षा शुल्क के रूप में 175 रुपए अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। सरकार ने मान्यताप्राप्त संस्थान की छात्राओं की परीक्षा और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ की है। फार्म भरने की तिथि करीब आने और मान्यता पर निर्णय नहीं होने के कारण छात्राएं अब फार्म भरने लगी हैं।

कारण अब विलंब किया, तो 16 के बाद विलंब शुल्क के साथ फार्म भरना पड़ेगा। इन कॉलेजों की मान्यता को लेकर एकेडेमिक कौंसिल ने मार्च में ही अनुशंसा की थी। छात्रों को लग चुका है 200 रुपए परमिशन शुल्करजिस्ट्रेशन के समय अतिरिक्त 200 रुपए परमिशन शुल्क के रूप में छात्रों को देना पड़ा है।

कारण बिना मान्यतावाले संस्थान के छात्रों से 200 रुपए परमिशन शुल्क लेने का प्रावधान है।रांची । राज्य के 57 और वित्तरहित शिक्षण संस्थानों को अनुदान की श्रेणी में लाया गया है। इन्हें वित्तीय वर्ष 2011-12 से अनुदान मिलेगा। पहले से 334 संस्थानों को अनुदान मिल रहा है। मानव संसाधन विकास विभाग ने अनुदान का प्रपत्र भरने के लिए तिथि 31 दिसंबर तक विस्तारित कर दी है।

इससे संबंधित पत्र माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को जारी किया। 391 वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के लिए राशि भी बढ़ाकर 16.5 करोड़ की गई है। पिछले साल 15 करोड़ रुपये अनुदान के लिए आवंटित किया गया था। निदेशक ममता ने कहा कि निर्धारित तिथि के बाद प्रपत्र जमा होने पर अनुदान के लिए विचार नहीं किया जाएगा।

तिथि बढ़ाने की मोर्चा ने की थी मांगवित्तरहित संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने अनुदान प्रपत्र भरने की तिथि बढ़ाने की मांग की थी। रघुनाथ सिंह, सुरेंद्र झा ने कहा कि जैक द्वारा विलंब से प्रपत्र जारी करने, कॉलेजों में शासी निकाय नहीं होने और परीक्षा फार्म भरे जाने के कारण अधिकतर कॉलेज प्रपत्र नहीं भर पाए हैं।

इसे देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ममता ने 16 दिन की तिथि विस्तार का पत्र जारी किया।’ संबंधित स्कूल-कॉलेजों की मान्यता जरूरी, रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत’ हर हाल में शासी निकाय का गठन’ छात्र संख्या निर्धारित मापदंड से कम नहीं ’ परीक्षाफल 40 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए, पिछले साल के अनुदान का उपयोगिता प्रमाण पत्र जरूरी ’ प्रपत्र दो फोल्डर में भरकर देना जरूरी ’ पहले से 334 संस्थानों को अनुदान मिल रहा है, पिछले साल 15 करोड़ रुपये अनुदान के लिए आवंटित किया गया था। ’ निर्धारित तिथि के बाद प्रपत्र जमा होने पर अनुदान के लिए विचार नहीं किया जाएगा: निदेशक

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