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गिरिडीह में बढ़ी कनकनी

गिरिडीह शाहिद इमाम। गिरिडीह जिले में सर्द हवाओं के बीच कनकनी बढ़ गई है। एक दिसम्बर से जिले का पारा लगातार गिर रहा है। तीन दिनों के भीतर ठंड जानलेवा हो गई है। 15 दिसंबर को पारा लुढ़ककर 4.8 डि. पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा गिरिडीह सांख्यिकी विभाग से मिला है। विभाग के पदाधिकारियों की मानें तो गुजरते वक्त के साथ पारा और भी गिरने की संभावना है।

ठंड और शीतलहरी से घरों में दुबके लोगठंड और शीतलहरी के प्रकोप ने इन दिनों गिरिडीहवासियों की बैचेनी काफी बढ़ा दी है। शाम ढलते ही लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबक जाते हैं। पिछले पन्द्रह दिनों में ठंड से 48 वर्षीय देवरी प्रखंड के पुरनीगडिम्या निवासी गाजो महतो के मरने की सूचना है।

कई लोग आज भी इससे पीडिम्त हैं, जो अपने-अपने स्तर से उपचार करा रहे हैं। अभ्ी तक किसी की नहीं हुई है मौत : सीएससीएस सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि अभी तक ठंड से मरने वालों की सूचना नहीं है और न ही ऐसा कोई रोगी आया है जिन्हें ठंड लगी है। कहा कि ठंड के शिकार रोगी अगर अस्पताल आएंगे, तो उन्हें हर तरह की चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।

उन्होंने लोगों को ठंड से बचने की सलाह दी।नप बांट रही है कंबल : उपाध्यक्षनप उपाध्यक्ष विभाकर पांडेय ने कहा कि नगर पर्षद ठंड से बचने के लिए कंबल बांट रही है। नगर के सभी तीस वार्डो में 15-15 कंबल वितरण किया जा रहा है। कहा कि आगे भी जरूरतमंदों के बीच सौ से अधिक और भी कंबलों का वितरण किया जाएगा। अलाव की नहीं हुई है व्यवस्थागिरिडीह शहरी चौक-चौराहों पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।

इससे रिक्शा-ठेला चालको, मोटिया मजदूरों को भारी परेशानी हो रही है। रिक्शा चालक संघ के अध्यक्ष राजू अग्रवाल ने डीसी से जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की मांग की है। हर साल सीसीएल से कोयला मंगाकर ऐसी व्यवस्था गरीबों के लिए होती रही है।

मौत पर कुछ कहा नहीं जा सकता : बीडीओठंड से देवरी प्रखंड के पुरनीगडिम्या निवासी गाजो हाजरा की मौत पर बीडीओ निशा सिंह ने कहा कि इस मामले में कुछ कहा नहीं जा सकता है। उनके परिजनों को पारिवारिक लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठंड से बचने के लिए गांवो में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया जा रहा है।

बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ीजैसे जैसे ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है, बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ रही है। दूसरी ओर कुछ लोगों व संस्था ने कंबलों का वितरण शुरू कर दिया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि गिरिडीह के दुकानदार अभी तक दस लाख रुपए से अधिक के गर्म कपड़े बेच चुके हैं।

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