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रैपिड मेट्रो को केंद्र की हरी झंडी

रैपिड मेट्रो को केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल गई है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रलय, हरियाणा सरकार व डीएमआरसी ने गुरूवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। रैपिड मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि इस मौके पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व डीएमआरसी के एमडी ई श्रीधरन मौजूद रहे। 

फिलहाल रैपिड मेट्रो के छह किलोमीटर के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जिसके 2013 की पहली तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है। इसके तहत मेट्रो के छह किलोमीटर लंबे रुट पर काम चल रहा है जिसमें डीएलएफ को सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इसमें छह स्टेशन डीएलएफ फेज टू, डीएलएफ फेज थ्री, मॉल ऑफ इंडिया, गेटवे टॉवर, बेल्वेडियर टावर और सिकंदरपुर में बन रहे हैं। आगे चलकर इसे सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर 56 तक बढ़ाया जाना है। इसके बाद प्रोजेक्ट की लागत एक हजार 88 करोड़ से बढ़कर दो हजार करोड़ हो जाएगी। होगा। वहीं गेटवे टॉवर और माल ऑफ इंडिया के बीच से नया ट्रैक जोड़कर हाईवे को पार करते हुए एक लाईन बिछाए जाने की भी योजना है।


कैसी होगी रैपिड मेट्रो:
शुरूआत में पांच ट्रेनें उतारी जाएंगी। प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच लगे होंगे। जो अल्यूमिनियम द्वारा निर्मित होंगे साथ ही स्क्रैच प्रतिरोधी होंगे। रैपिड मेट्रो में एक साथ एक हजार दस यात्री यात्रा कर सकेंगे। रैपिड मेट्रो में प्रत्येक घंटे तीस हजार के करीब यात्री ट्रैवेल कर सकेंगे। रैपिड मेट्रो की अधिकतम स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। हांलाकि यह मेट्रो औसतन 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यात्राियों को तीन मिनट के अंतराल पर रैपिड मेट्रो रेल मिलेगी। स्लीक स्टेशन बनाए जाएंगे। मुड़ते समय आगे के व्हील ल्युब्रिकेंट का छिड़काव करेंगे जिससे शोर कम हो।

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