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जीरा घर की डिस्पेंसरी

जीरा पाचक और सुगंधित मसाला है। यह पेट के विकारों को दूर करने में बहुत ही उपयोगी है। जीरा गर्म प्रकृति का होता है। भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि को दूर करने में जीरा एक उपयोगी औषधि की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। जीरा पेट के कीड़े खत्म करने व बुखार उतारने में भी सहायक है।

आइए, जानें कि जीरे को हम किस तरह इस्तेमाल कर स्वस्थ रह सकते हैं।

- भुने हुए जीरे को सूंघने से जुकाम से छीकें आना बंद हो जाता है।
- एक गिलास ताजी छाछ में सेंधा नमक और भुना हुआ जीरा मिलाकर भोजन के साथ लें, इससे अजीर्ण और अपच से छुटकारा मिलेगा।
- बच्चों को दस्त होने पर बबूल की कोमल पत्ती, अनार की कली व जीरा मिलाकर दें, लाभ होगा।
- आंवले को भूनकर गुठली निकालकर पीसकर धीमे भूनें। फिर उसमें स्वादानुसार जीरा, अजवाइन, सेंधा नमक और थोड़ी सी भुनी हुई हींग मिलाकर गोलियां बना लें। इन्हें खाने से भूख बढ़ती है। इतना ही नहीं, इससे डकार, चक्कर और दस्त में लाभ होता है।
- पानी में जीरा डालकर उबालें और छानकर ठंडा करें। इस पानी से मुंह धोने से आपका चेहरा साफ और चमकदार होता है।
- जीरा और सेंधा नमक महीन पीसकर मंजन करने से दांतों तथा मसूड़ों के दर्द में आराम मिलेगा और मुंह की दरुगंध नष्ट होगी।
- हिस्टीरिया के रोगी को गर्म पानी में भुनी हींग, जीरा, पुदीना, नींबू और नमक मिलाकर पिलाने से रोगी को तत्काल लाभ होता है।
- थायराइड (गले की गांठ) में एक कप पालक के रस के साथ एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच जीरा पाउडर मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।
- मेंथी, अजवाइन, जीरा और सौंफ 50-50 ग्राम और स्वादानुसार काला नमक मिलाकर पीस लें। एक चम्मच रोज सुबह सेवन करने से शुगर, जोड़ों के दर्द और पेट के विकारों से आराम मिलेगा। गैस की समस्या में इससे तत्काल लाभ मिलेगा।
- प्रसूति के पश्चात जीरे के सेवन से गर्भाशय की सफाई हो जाती है।
- जीरे को पानी में उबाल लें, फिर उस पानी से स्नान करने से खुजली मिटती है।

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