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विवि, कॉलेजों से लेकर गांवों तक में होगा ‘मॉक पोल’

विशेष संवाददाता लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव में आम मतदाताओं, खासकर युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए इस बार चुनाव आयोग विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से लेकर गांवों तक ‘मॉक पोल’ कराएगा। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों का लाइव प्रदर्शन करेगा। ताकि लोग यह जान सकें कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन कोई जादुई मशीन नहीं है। बल्कि यह एक निश्चित प्रक्रिया से काम करती है और मतदाता का वोट पूरी तरह से सुरक्षित व गोपनीय रहता है।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने कहा कि आयोग चाहता है हर मतदाता पूरी चुनाव प्रक्रिया से परिचित हो जाए। चाहे वह पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़। इस बार बड़ी संख्या में युवा प्रदेश की मतदाता सूची में शामिल हुए हैं जिन्होंने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के बारे में सुना भर है, देखा नहीं है।

वे नहीं जानते कि वोट कैसे डाला जाता है और उसके पहले किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसीलिए ‘मॉक पोल’ की योजना बनी है। इसकी शुरुआत लखनऊ विश्वविद्यालय में पिछले दिनों ‘मॉक पोल’ के आयोजन से की गई है जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था।

अब आगे प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, प्रमुख महाविद्यालयों में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आम मतदाताओं को पूरी मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मतदाता पंजीकरण केन्द्रों तथा गांवों और मोहल्लों में आम जनता के बीच भी इस तरह के ‘मॉक पोल’ कराए जाएंगे।

इस काम में एनएसएस, रेजीडेन्ट वेलफेयर एसोसिएशन, सिविल डिफेन्स, युवक मंगल दल आदि का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा मतदाताओं तक मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए स्थानीय बोलियों भोजपुरी, बुंदेली, बृज भाषा आदि में विशेष आडियो-वीडियो सीडी बनाकर दिखाई जाएगी।

सिन्हा ने कहा कि आयोग को उम्मीद है कि इस सारी प्रक्रिया से मतदाताओं का मतदान के प्रति उत्साह और बढ़ेगा। इसका प्रदेश के मतदान प्रतिशत बढ़ने में असर दिखेगा।

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