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कटौती की राशि खर्च करना सरकार के सामने चुनौती

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। विकास आयुक्त ने मुख्यमंत्री की सहमति पर ऊर्जा, नगर विकास, जल संसाधन, स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग के योजना बजट से 604 करोड़ की कटौती कर योजना एवं विकास, खाद्य आपूर्ति, ग्रामीण विकास, सहकारिता, सांस्थिक वित्त एवं खेलकूद विभागों को दिया है।

जिन विभागों के बजट से पैसे की कटौती की गई है, उसने पैसा खर्च करने में असमर्थता जतायी थी। यह पैसा उन विभागों को दिया गया, जिसने नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त पैसे की मांग की थी। इसका समायोजना द्वितीय अनुपूरक बजट में किया जाएगा। अच्छी पहल, चुनौती भीमुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने समय से पहले पैसे की कटौती कर अच्छी पहल की है, लेकिन इसे खर्च करने की चुनौती भी है।

जिन विभागों को यह राशि दी गई है, उसे खर्च सुनिश्चित करना चाहिए। देखा जाता है कि कई विभाग नई योजनाओं के नाम पर अतिरिक्त पैसे तो ले लेते हैं, लेकिन खर्च नहीं करते। वर्ष के अंत में उसे सरेंडर कर देते हैं। पिछले साल भी कटौतीपिछले वित्तीय वर्ष 2010-11 का योजना बजट 9,590 करोड़ था, जिसके विरूद्ध 8,177.92 करोड़ खर्च हुए थे। दिसंबर में 557.75 करोड़ तथा फरवरी में 234.76 करोड़ यानी 792.51 करोड़ की कटौती कर दूसरे विभागों को दिए गए थे।

ऊर्जा से 185 करोड़, नगर विकास से 100 करोड़ तथा स्वास्थ्य से 70 करोड़ की कटौती की गई थी। पैसा लिया, पर खर्च नहींवित्तीय वर्ष 2010-11 में योजना बजट से कटौती कर ग्रामीण विकास को 142 करोड़ रुपए, पंचायती राज को 103 करोड़ रुपए, पथ निर्माण को 120 करोड़ रुपए, कल्याण को 49 करोड़ रुपए, परिवहन को 174 करोड़ रुपए तथा कला एवं संस्कृति विभाग को 50 करोड़ रुपए दिए गए थे, जो व्यर्थ सिद्ध हुआ।

वित्त वर्ष के अंत में ग्रामीण विकास ने 98 करोड़ रुपए, पंचायती राज ने 16 करोड़ रुपए, पथ निर्माण ने 138 करोड़ रुपए तथा कल्याण ने 107 करोड़ रुपए सरेंडर कर दिए। विभाग मूल बजट कटौती पुनरीक्षितऊर्जा 1600 200 1400नगर विकास 1060 54 1006जल संसाधन 1550 200 1350स्वास्थ्य 647 50 597परिवहन 455 100 355विभाग मूल बजट बढ़ाेतरी पुनरीक्षितयोजना 154 147 301खाद्य आपूर्ति 760 254 1014ग्रामीण विकास 1150 125 1275सहकारिता 84.50 55.80 140.30खेलकूद 75.00 07.00 82.00सांस्थिक वित्त 02.00 14.70 16.70

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