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भ्रष्टाचार पर चार वार

समाजसेवी अन्ना हजारे की लोकपाल मुहिम के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए चार महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में न्यायपालिका के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए न्यायिक जवाबदेही विधेयक, भ्रष्टाचार की शिकायत करने वालों को संरक्षण प्रदान करने के लिए व्हिसल ब्लोअर विधेयक, सेवाएं तय समय पर देने के लिए सिटीजन चार्टर विधेयक और काले धन की जब्ती के लिए मनी लांड्रिंग संशोधन विधेयक को हरी झंडी दे दी।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक संसद भवन परिसर में करीब डेढ़ घंटे चली कैबिनेट की बैठक में विधेयकों को मंजूरी दी गई। सिटीजन चार्टर विधेयक में सरकारी सेवाओं को एक निश्चित सेवाओं के भीतर देने की बाध्यता होगी तथा उनके संदर्भ में की गई शिकायतों का निपटारा भी तय अवधि में करना होगा। हालांकि अन्ना हजारे सिटीजन चार्टर के प्रावधानों को लोकपाल के दायरे में ही लाने की बात कर रहे थे लेकिन सरकार ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की है।

न्यायिक जवाबदेही विधेयक में न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार से निपटने की व्यवस्था है। पहले अन्ना इसे भी लोकपाल के दायरे में रखने की मांग कर रहे थे लेकिन बाद में अलग विधेयक पर उन्होंने सहमति प्रकट कर दी थी। इसी तरह व्हिसल ब्लोअर प्रोटेक्शन विधेयक में उन लोगों की हिफाजत का प्रावधान किया गया है जो भ्रष्टाचार का खुलासा करेंगे। सरकारी महकमों के साथ-साथ लोकपाल में शिकायत करने वालों पर भी इस
विधेयक के प्रावधान लागू होंगे। इधर कालेधन के खिलाफ चली मुहिम के मद्देनजर सरकार कर चोरी रोकने के लिए मनी लांडरिंग विधेयक में भी संशोधन करेगी।

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