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बैंकिंग करियर का परमानेंट अकाउंट

बैंकिंग वह सेक्टर है, जहां करियर का ग्राफ हमेशा टॉप पर रहा है, चाहे मंदी रही हो या सामान्य परिस्थितियां। जब से विदेशी बैंकों ने देश में दस्तक दी है, तब से तो यह क्षेत्र युवाओं के लिए और भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। वैसे भी अब बैंक सिर्फ पैसा जमा करने या निकालने का माध्यम नहीं रहा है, अब शेयर, इंश्योरेंस और विभिन्न फाइनेंशियल सर्विसेज की सेवाएं भी बैंक हैंडल करते हैं।

हर किसी की जिंदगी से जुड़े हुए हैं बैंक। पैसा जमा करना हो तो बैंक के पास जाना है, पैसा निकालना है तो जाना है, किसी किस्म का लोन लेना है तो जाना है, यहां तक कि कई तरह के बिल जमा करने हैं तो बैंक की मदद लेनी होती है। आमतौर पर यही समझा जाता है कि पैसे को लेकर कुछ करना है तो बैंक है न। बैंक न सिर्फ लोगों का पैसा संभालते हैं, बल्कि कॉरपोरेट की दुनिया भी बैंकों के बिना अधूरी है।

बैंकिंग यानी पैसे को संभालने का बिजनेस आज देश में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बन गया है। यह एक ऐसा करियर विकल्प बन गया है, जिसमें कमाई भी काफी है और सुरक्षा भी। बैंकिंग का करियर सिर्फ कॉमर्स या इकोनॉमिक्स पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए ही नहीं है, बल्कि किसी भी विषय की पृष्ठभूमि वाले छात्र इसे चुन सकते हैं। बैंकिंग सेक्टर में जिस तरह से उदारीकरण हुआ है और इतने सारे निजी और विदेशी बैंक आ गये हैं कि अब ऐसा लगने लगा है कि करियर मतलब बैंकिंग।

आईटी में हुई क्रांति के कारण बैंकिंग में एक नया आयाम जुड़ गया है। पहले लोगों को पैसा जमा कराने, निकालने, ड्राफ्ट बनवाने या पास बुक अपडेट कराने जैसे कामों के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था, लेकिन सभी बैंकों में अब कंप्यूटर आ जाने से ये सारे काम आसानी से और जल्दी होने लगे हैं। आज भारत में 66 अनुसूचित कमर्शियल बैंक हैं, जिनमें 27 सरकारी हैं, 31 निजी बैंक हैं और 38 विदेशी/बहुराष्ट्रीय बैंक हैं। इन सबको मिलाकर 53 हजार शाखाओं और 17 हजार एटीएम का विशाल नेटवर्क सबके लिए उपलब्ध है। रही बात करियर की तो बैंकों की तरफ रुख करना करियर का परमानेंट अकाउंट खुलने जैसा है।

पात्रता
किसी भी विषय से 12वीं करने वाले छात्र करियर के रूप में बैंकिंग को अपना सकते हैं, लेकिन कॉमर्स, इकोनॉमिक्स या गणित में ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, एमबीए, चाटर्ड अकाउंटेंट्स, सीएफए इत्यादि को ज्यादा वरीयता दी जाती है। बहुत सारे विश्वविद्यालय और बी-स्कूल्स जैसे इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस इस विधा में विशेष कोर्स कराते हैं, जिनकी योग्यता कोर्स के हिसाब से होती है। डिप्लोमा कोर्सेज में बैंकिंग एंड फाइनेंस विषय की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है और उम्मीदवारों को  मॉडर्न बैंकिंग के ऑपरेशनल पार्ट का पता चलता है।

व्यक्तिगत गुण
बैंकिंग का क्षेत्र खास व्यक्तिगत गुणों की मांग करता है और जिनमें वो गुण होते हैं, वही सफलता का स्वाद चख पाते हैं। पेशेवर अंदाज उनमें विशेष महत्व रखता है। अन्य गुणों में शामिल हैं- इंडस्ट्री की बुनियादी जानकारी, बेहतर कम्युनिकेशन स्किल, लीडरशिप क्वालिटी, टीम मेम्बर को मोटिवेट करने की क्षमता, कस्टमर को उसकी संतुष्टि तक समझाने बताने की क्षमता, कंप्यूटर और उससे जुड़ी टेक्नोलॉजी की जानकारी और मिलनसार व हंसमुख व्यक्तित्व। यदि कोई उम्मीदवार विदेशी बैंकों में अपना करियर तलाशना चाहता है तो उसे प्रोजेक्ट अनालिसिस, क्रेडिट अप्रैजल स्किल, बड़े लोन तथा फॉरेन एक्सचेंज को मैनेज करना भी आना चाहिए।

करियर विकल्प
बैंकिंग में करियर बनाने के तमाम अवसर उपलब्ध हैं। विदेशी व्यापार और औद्योगिक उदारीकरण के कारण बैंकिंग सेक्टर में कई तरह के बदलाव किए गए हैं तथा सरकारी के साथ-साथ निजी और विदेशी बैंकों की शाखाएं देश के लगभग हर कोने में खुलती जा रही हैं, जिसके चलते इतनी नौकरियां सामने आ रही हैं कि जरूरत सिर्फ समुचित योग्यता हासिल करने की है, विकल्प सामने मौजूद है।

बैंकिंग में सफल करियर के टिप्स
लंबे समय तक एक तरह का काम करते हुए कुछ बोरियत महसूस होने लगती है, लेकिन कुछ बातों पर ध्यान दिया जाए तो यही काम आपके लिए पैशन बन सकता है-
- शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखें
- किस बैंक या फाइनेंस कंपनी में क्या नई स्कीम चल रही है, इसकी जानकारी रखें।
- नियमित रूप से न्यूजपेपर व मैग्जीन पढ़ें, तभी पता चलेगा कि देश व दुनिया के मार्केट में नया क्या चल रहा है।
- बहुत जल्द नौकरी बदलने की न सोचें।
- तनाव से बचने के लिए अपनी रुचियों को समय दें।

फैक्ट फाइल

प्रमुख संस्थान
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली
वेबसाइट : www.ignou.ac.in
- टीकेडब्लूएस इंस्टीटयूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस, नई दिल्ली
वेबसाइट : www.instituteofbanking.org
- इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, चंडीगढ़
 वेबसाइट :  www.isbm.org.in
- इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस, मुंबई
 वेबसाइट : www.iibf.org.in

कोचिंग इंस्टीटयूट
जो उम्मीदवार सरकारी या निजी बैंकों के लिए उनकी चयन प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं, वे बेहतर परिणाम के लिए कोचिंग संस्थानों की भी मदद ले सकते हैं, जो अपने फोकस्ड गाइडेंस की मदद से उम्मीदवारों को सफलता की सीढ़ी चढ़ाते हैं। इन कोचिंग संस्थानों में न सिर्फ विषयों जैसे रीजनिंग, गणित, न्यूमेरिकल एबेलिटी, जनरल इंग्लिश, जनरल नॉलेज में पारंगत बनाया जाता है, बल्कि साक्षात्कार के लिए भी तैयार किया जाता है।

भर्ती प्रक्रिया
सरकारी बैंकों में भर्तियां प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से होती हैं, जबकि निजी बैंकों में एमबीए और चार्टर्ड अकाउंटेंट को सीधे साक्षात्कार के आधार पर नौकरी मिल जाती है। मार्केटिंग, पसर्नल बैंकिंग, होम बैंकिंग के क्षेत्र में उन लोगों को बतौर एग्जिक्यूटिव आसानी से नौकरी मिल जाती है, जिनका व्यक्तित्व आकर्षक है और संवाद क्षमता बेहतर है। विदेशी बैंक आमतौर पर उन अनुभवी उम्मीदवारों को बतौर मैनेजर रखते हैं, जिन के पास इस सेक्टर का बेहतर एक्सपोजर होता है।

सरकारी बैंकों में बतौर क्लर्क, ग्रेड-1 ऑफिसर, ग्रेड-2 ऑफिसर या मैनेजर के रूप में नौकरी मिलती है। क्लर्क कैडर में भर्ती होने वाले उम्मीदवार सीनियर ऑफिसर तक जा सकते हैं, जबकि जो प्रोबेशनरी ऑफिसर (ग्रेड-1 और ग्रेड-2) के रूप में भर्ती होते हैं, वे जनरल मैनेजर और यहां तक कि मैनेजिंग डायरेक्टर या चेयरमैन भी बन सकते हैं।

परीक्षा एवं चयन
सरकारी बैंकों में जाने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर परीक्षा होती है, जिसमें स्नातक छात्र प्रोबेशनरी ऑफिसर पद के लिए परीक्षा देते हैं। वरिष्ठ पदों के लिए भी ऑल इंडिया स्तर पर परीक्षा होती है। जूनियर पोजिशन के लिए निजी/विदेशी बैंक उन स्नातकों को वरीयता देते हैं, जिन्होंने एमबीए या चार्टर्ड अकाउंटेंसी कर रखी है। इनका सेलेक्शन कैंपस रिक्रूटमेंट और इंटरव्यू के माध्यम से होता है।

भारतीय रिजर्व बैंक तीन तरह के पदों के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करता है- क्लर्क ग्रेड, ऑफिसर ग्रेड-1 और ऑफिसर ग्रेड-2 । भारतीय रिजर्व बैंक, ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और प्रोफेशनल ग्रेजुएट के लिए अखिल भारतीय परीक्षा आयोजित करता है, जो क्लास -1 ऑफिसर्स के पद पर भर्ती होते हैं। इस परीक्षा की अधिकतम आयु सीमा 26 वर्ष है। इसमें उम्मीदवारों को रीजनिंग, मेंटल एबिलिटी, न्यूमेरिकल एप्टीटय़ूड और जनरल इंग्लिश की परीक्षा देनी होती है। सार्वजनिक क्षेत्र के कमर्शियल बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर की भर्ती बैंकिंग सर्विस रिक्रूटमेंट बोर्ड के माध्यम से होती है। इसमें लिखित परीक्षा होती है, हर क्षेत्र के लिए अलग रिक्रूटमेंट बोर्ड है, जो 21 से 28 साल के स्नातकों की परीक्षा लेता है। इसके बाद साक्षात्कार के माध्यम से उनकी भर्ती होती है।

निजी बैंकों में ट्रेनी ऑफिसर, मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में उन उम्मीदवारों को रखा जाता है जो फस्र्ट क्लास ग्रेजुएट होते हैं या एमबीए वगैरह। शुरुआत में पर्सनल बैंकर के रूप में नौकरी मिलती है। उसके बाद तरक्की होने पर रिलेशनशिप मैनेजर, टेलर, असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर, और फिर ब्रांच मैनेजर बना जा सकता है।

सक्सेस स्टोरी
बैंकिंग है सबसे बेहतर करियर
मेरी शुरू से ही ख्वाहिश थी कि बैंकिंग सेक्टर में जाऊं। बीए (इकॉनोमिक्स-ऑनर्स) करने के बाद मैंने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से एमबीए में एडमिशन लिया। मैंने फस्र्ट सेमिस्टर पास ही किया था कि मुझे पता चला कि एचडीएफसी में इनडायरेक्ट चैनल वाली कुछ वैकेंसी है। वैकेंसी सेल्स एग्जिक्यूटिव की थी। पहले तो मुझे लगा कि इंटरव्यू बहुत टफ होगा, लेकिन अंतत: मेरा चुनाव हो गया। आज मुझे यहां काम करते हुए पांच साल हो चुके हैं। इस दौरान मेरी तरक्की भी हुई और अब मैं सीनियर सेल्स एग्जिक्यूटिव हूं। एक संतोष है कि मुझे अपना मनपसंद करियर मिला।

बैंकिंग आज के जमाने का करियर है। इसमें ज्यादा से ज्यादा युवाओं को आना चाहिए। पैसा भी कम नहीं मिलता। रही तरक्की की बात तो टीम मैनेजर, एरियर सेल्स मैनेजर जैसे पदों तक पहुंचा जा सकता है। मुझे मेरा काम बहुत अच्छा लगता है और मैं इसे एंजॉय करती हूं। यहां मेरा काम है बैंक के लिए अधिक से अधिक कस्टमर जोड़ना, ताकि वे बैंक की सेवाओं का लाभ ले सकें और बैंक का बिजनेस वॉल्यूम भी बढ़ सके। इस प्रक्रिया में मैं कस्टमर को कॉल करती हूं, उनसे मीटिंग कर उन्हें वे सेवाएं मुहैया कराने की कोशिश करती हूं, जिसके लिए वे बैंक से जुड़ना चाहते हैं। मुझे लगता है कि बैंकिंग इज द बेस्ट करियर।

एक्सपर्ट व्यू
तरक्की के बहुत अवसर हैं यहां
कहने की जरूरत नहीं है कि आज बैंकिंग एक कामयाब करियर है, क्योंकि एक तो इसमें अवसर बहुत हैं और दूसरे अच्छे वेतनमान के साथ तरक्की के इतने रास्ते हैं कि इस करियर को चुन कर सिर्फ और सिर्फ गौरवान्वित ही हुआ जा सकता है। इसे अगर उदाहरणों के माध्यम से समझा जाए तो आप चंदा कोचर को देख सकते हैं। उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक में बतौर प्रोबेशनरी ऑफिसर करियर शुरू किया और आज उसकी चेयरपर्सन हैं। ऐसा नहीं है कि क्लर्क भर्ती हुए तो क्लर्क ही रिटायर होंगे, तरक्की के बहुत रास्ते हैं।

इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस दो तरह की परीक्षाएं आयोजित करता है, जिसमें उत्तीर्ण होने के बाद आप डबल प्रोमोशन पा सकते हैं। सीएआईआईबी और जेएआईआईबी, यह दो तरह की परीक्षाएं होती हैं। लेकिन इसके लिए आपको उचित प्लानिंग करनी होगी। वैसे भी बैंकिंग में 7 से 10 साल का अनुभव हो जाने के बाद तो पैकेज बहुत बड़ा हो जाता है। मेरा तो मानना है कि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इस सेक्टर की तरफ आना चाहिए, क्योंकि देश की तरक्की भी इससे सीधे-सीधे जुड़ी हुई है। महिलाओं के लिए इसमें विशेष अवसर हैं, जो अपनी लगन, ईमानदारी, मेहनत और मेधा से करियर की बुलंदियों को छू सकती हैं।

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