DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कृषि के साथ उद्योग को बढ़ावा देना जरूरी: मोदी

संपादित पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कृषि के साथ उद्योग को बढ़ावा देना जरूरी है। शहरीकरण भी विकास के लिए जरूरी है। अब तक के सभी मुख्यमंत्री बिहार में पड़ने वाले क्षेत्र से हुए लेकिन जितने भी कल कारखाने और अच्छी शिक्षण संस्थाएं खुलीं सभी झारखंड क्षेत्र में। अब राज्य अपने पैर पर खड़ा होने लगा है।

बंटवारे का अभिशाप बिहार के लिए वरदान बन गया। उद्योग संघ के तत्वावधान में छह दिवसीय बिहार एक्सपो का सोमवार को उद्घाटन करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही सरकार ट्रेड फेयर के लिए एक निश्चित जगह तय कर देगी। वहां सभी संरचनात्मक सुविधाएं रहेंगी।

निवेश का मतलब सिर्फ फैक्ट्री लगाना नहीं होता। राज्य में लोग सड़कों के निर्माण में भी पूंजी लगाने लगे हैं। गंगा पर बख्तियारपुर-ताजपुर के बीच बनने वाले पुल के निजी भागीदर ने सात सौ करोड़ रुपये का निवेश किया है। आरा-मोहनियां और बख्तियारपुर- रजौली सड़क में भी निजी एजेंसियां पैसा लगा रही हैं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 80 वर्ष पहले बिहार पिछड़ा हुआ नहीं था। देश का 25 प्रतिशत चीनी बिहार में ही उत्पादित होता था। लेकिन 60 के दशक के बाद निवेश बहुत कम हुआ। टाटा, बाटा या मुंगेर का आईटीसी सब पुरानी बातें हो गई। छह वर्षो में माहौल बदला तो निवेश शुरू हुआ। छोटी और मंझोले उद्योगों की संख्या बढ़ी है।

बियाडा की एमडी अंशुलि आर्या ने कहा कि राज्य सरकार ने देश की सबसे अच्छी फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी बनाई है। सरकार की कोशिश है कि किसी भी काम के लिए उद्यमियों को भटकना नहीं पड़े। उद्योग संघ के अध्यक्ष केसीएस केशरी ने स्वागत भाषण किया। पूर्व अध्यक्ष कैलाश झुनझुनवाला ने भी संबोधित किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कृषि के साथ उद्योग को बढ़ावा देना जरूरी: मोदी