DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

संविदा श्रमिक हड़ताल पर, ओबरा परियोजना की 12वीं इकाई

ओबरा (सोनभद्र)। हिन्दुस्तान संवाद। चार माह की मजदूरी न मिलने से नाराज ओबरा परियोजना के संविदा श्रमिक हड़ताल पर चले गये। परियोजना में कामकाज ठप हो गया। साथ ही 12वीं इकाई बंद हो गयी। अन्य इकाइयों में भी कामकाज प्रभावित हो गया है। ओबरा तापीय बिजली घर में करीब 1200 संविदा कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों के बदौलत ही परियोजना में बिजली का उत्पादन होता है।

इन कर्मचारियों को पिछले चार माह से पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हो रहा है। संविदा श्रमिकों ने पिछले सप्ताह परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। मानदेय का भुगतान न होने पर 12 दिसम्बर से हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम दिया था।

प्रबंधन ने संविदा श्रमिकों की मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया। इसके चलते सोमवार को सभी श्रमिक हड़ताल पर चले गये। इसके साथ ही परियोजना के कामकाज पर असर पड़ना शुरू हो गया। दोपहर बाद ‘ब’ ताप घर की 12वीं इकाई बंद हो गयी। बताया जाता है कि इस इकाई का री-हीटर खराब हो गया और उसे ठीक करने वाले संविदा श्रमिकों ने काम करने से इनकार कर दिया।

उधर ज्यादातर इकाइयों के मिल एवं फैन साइड में कामकाज ठप है। इसके चलते उन्हें चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा भेल द्वारा अनुरक्षित इकाइयों के कार्यो को भी झटका लगा है। इस बीच हाइड्रो इलेक्ट्रिक इम्प्लाइज यूनियन के प्रदेश महामंत्री हरदेव नारायण तिवारी ने झरिया नाला गेट पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संविदा श्रमिक भुखमरी की कगार पर हैं और प्रबधंन निरंकुश बना हुआ है। अब संविदा श्रमिक आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। सभा की अध्यक्षता वशीर अहमद ने की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:संविदा श्रमिक हड़ताल पर, ओबरा परियोजना की 12वीं इकाई