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नए बिलों से सबको साधेगा केंद्र

लोकपाल मसले पर रविवार को गरम हुए माहौल को नरम करने और इस मुद्दे पर सरकार की तत्परता का संदेश देने के लिए केंद्र ठोस उपायों में जुट गया है। इस बाबत मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें सात विधेयकों पर चर्चा होगी। इनमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, कालेधन की वापसी, गरीबों के लिए खाद्यान्न सुरक्षा और शिक्षा में भ्रष्टाचार की रोकथाम से जुड़े विधेयक शामिल हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री लोकपाल पर अन्ना हजारे द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी सहयोगियों से चर्चा करेंगे।

अन्ना के साथ विपक्ष के खड़े होने के बाद लोकपाल के पक्ष में बनी हवा से कहीं ज्यादा सरकार की चिंता इस बात से है कि इन सबसे सरकार के खिलाफ नकारात्मक माहौल बन रहा है। इसलिए सरकार इसे सबसे पहले दूर करना चाहती है। इसके लिए सरकार लोकपाल के अहम पहलुओं पर अपने सहयोगी दलों से मशविरा करेगी। इसके अलावा, सरकार न्यायिक मानक एवं जवाबदेही विधेयक लाने जा रही है जो न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को रोकेगा।

वहीं, मनी लांड्रिंग अधिनियम में संशोधन विधेयक के जरिये विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के रास्ते खुलेंगे। अन्ना के जंतर-मंतर प्रभाव को कम करने के लिए इन सबसे इतर कैबिनेट के पिटारे में सबसे बड़ा औजार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक होगा। इससे 75 फीसदी ग्रामीण और 50 फीसदी शहरी आबादी को भोजन की सुरक्षा का अधिकार मिलेगा। उन्हें तीन रुपये किलो चावल और दो रुपये किलो अनाज देने का रास्ता खुलेगा।

नेशनल काउंसिल फॉर ह्यूमन रिसोर्सेज इन हेल्थ विधेयक में मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी और नर्सिग काउंसिल में व्यापक भ्रष्टाचार खत्म होगा, क्योंकि नए विधेयक में ये काउंसिलें खत्म कर उच्च नियामक बनाने का प्रावधान है। आरटीई में संशोधन के जरिये मदरसों को इसके प्रावधानों से अलग रखा जाएगा। एक विधेयक राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान पेरंबदूर को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान का दर्जा देने के लिए है ताकि यह संस्थान खुद अपने फैसले लेकर अपना दायरा बढ़ाए।

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  • Web Title:नए बिलों से सबको साधेगा केंद्र