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चावल मिलों की कमी, कुटाई होगी पंजाब के कारखानों में

बिहार में धान की बेहतर पैदावार के बाद मिलों की कमी के कारण राज्य सरकार ने धान की कुटाई (मिलिंग) पंजाब के कारखानों में कराने का निर्णय लिया है।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में चावल मिलों का पर्याप्त विकास नहीं हुआ है। कुटाई के लिए चावल मिलों की संख्या अपर्याप्त है। इसलिए प्रदेश की धान को पंजाब भेजा जाएगा और वहां के कारखानों में कुटाई होगी। राज्य सरकार ने पैक्स, एसएफसी और बिस्कोमान के माध्यम से 30 लाख टन धान की खरीद का निर्णय किया है।

उल्लेखनीय है कि राज्य में धान की खरीद का मुद्दा बीते कुछ दिनों से चर्चा में है। नौ दिसंबर से राज्य सरकार ने पैक्स और प्रखंड में स्थापित अधिप्राप्ति केंद्रों से खरीद का काम शुरू किया है।

उत्तर बिहार में कृषि आधारित उद्योगों के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने का ठीकरा पूर्ववर्ती सरकारों पर फोड़ते हुए मोदी ने कहा कि सारी बड़ी योजनाएं झारखंड में लगी और उत्तर बिहार उपेक्षित रह गया। राज्य में चावल मिल पर्याप्त रहते ऐसी स्थिति नहीं आती।

मोदी ने कहा कि चावल मिल व्यवसायियों के परिसंघ से बात हुई है, जिसके तहत पंजाब में बिहार के धान की कुटाई होगी और राज्य को चावल प्राप्त होगा। राज्य में अभी 55 से 60 चावल मिल हैं। धान खरीद के लिए राज्य सरकार ने सहकारिता बैंकों को 850 करोड़ रुपए उपलब्ध कराये हैं जिससे किसानों को तुरंत भुगतान हो सके।

मोदी ने कहा कि बिहार में गन्ना, मक्का और चावल आधारित उद्योग लगाने की अपार संभावनाएं हैं। कपड़ा उत्पादन केंद्र के लिए बिहटा में 20 एकड़, जूट केंद्र के लिए पूर्णिया के मरंगा में 44 एकड़, फूड पार्क के कैवेंटर्स कंपनी को भागलपुर के कहलगांव में 80 एकड़ जमीन राज्य सरकार ने उपलब्ध कराई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले समय में 30 से 40 करोड़ के पूंजी वाले समूहों के बड़े पैमाने पर निवेश की आशा कर रहे हैं।

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