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65 लाख से बने ट्रामा सेंटर का फायदा मरीजों को नहीं

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में भीमराव अम्बेडकर जिला संयुक्त चिकित्सालय में 65 लाख रुपए खर्च कर ट्रामा सेन्टर का निर्माण तो हो चुका है लेकिन इसका फायदा जनता को अभी तक नहीं मिल पाया है। करीब दो वर्ष से ट्रामा सेन्टर का भवन बनकर तैयार है लेकिन अभी तक इसके लिए चिकित्सकों एवं चिकित्सकीय उपकरणों की आपूर्ति नहीं होने से यह निर्थक साबित हो रहा है। इसके चालू न होने से डांक्टरों के पास दुर्घटना में घायलों को बाहरी अस्पतालों में भेजने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

गौरतलब है कि कानपुर-आगरा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायलों को फौरी इलाज मुहैया कराने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2009 में इटावा में ट्रामा सेन्टर बनवाने का फैसला लिया था और इसके लिए तुरंत ही 65 लाख रुपए की धनराशि भी आवंटित कर दी थी।

ट्रामा सेन्टर बनकर तैयार होने पर वर्ष 2010 के शुरु में इस भवन को अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया गया था। इसके बाद ट्रामा सेन्टर संचालन के लिए जिला अस्पताल से ट्रेनिंग के लिए 24 डांक्टरों के नाम भी मांगे गए।

अस्पताल प्रशासन ने अप्रैल 2010 में डांक्टरों के नाम भी भेज दिए लेकिन इसके बाद से आगे की कार्रवाई ठप पडी है। सेन्टर शुरू कराने के लिए जिला अस्पताल एवं जिला प्रशासन द्वारा बराबर पत्र लिखे जाने के बाद भी अब तक संचालन शुरू नहीं हो पाया है।

इस संबंध में 21 अक्टूबर 2010 को निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को और 15 नवम्बर 2010 को मंडलीय निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखे गए। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी जी.एस.प्रियदर्शी ने 13 दिसम्बर 2010 को स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखकर इसे चालू कराने का अनुरोध किया तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर ही 23 नवम्बर 2011 को अस्पताल प्रशासन ने शासन को फिर पत्र भेजकर ट्रामा सेन्टर चालू कराने की गुहार लगाई लेकिन आज तक कामयाबी नहीं मिल पाई है।

ट्रामा सेन्टर तो चालू नहीं हुआ लेकिन उससे संबंधित सुसज्जित एम्बुलेंस अप्रैल 2011 में भेज दी गई है। पूरी तरह से वातानुकूलित चार बिस्तर की सभी सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी है। दिल्ली हावडा़ मार्ग पर कानपुर इटावा के बीच का इलाका दुर्घटना बहुल माना जाता रहा है। तत्पश्चात फोर लेन बन जाने से इस मार्ग पर हादसों में इजाफा हुआ है। इसी सोच के कारण केन्द्र सरकार ने इटावा जिले में ट्रामा सेन्टर स्थापित करने का फैसला किया था जिससे यहां के घायलों को आगरा कानपुर जितना दूर न जाना पड़े।

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  • Web Title:65 लाख से बना ट्रामा सेंटर, मरीजों को नहीं फायदा