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गोरखपुर-7-शौक को मंच मिला तो सजा दिया रंगों का संसार

-देवरिया के गरुलापार मोहल्ले के अनुपम मिश्र की बुद्ध की ध्यानमग्ध मुद्रा वाली पेंटिंग एक लाख में बिकी देवरिया। राजीव यादवकिसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है। रांडा बर्न की मशहूर पुस्तक द सीक्रेट की यह पंक्ति देवरिया के अनुपम मिश्र के जीवन पर सटीक बैठती है। बचपन से पेंटिंग का शौक रखने वाला यह युवक दिल्ली गया था सिविल सर्विसेज की तैयारी करने, लेकिन आर्ट गैलरियों का चक्कर लगाते-लगाते उसके हुनर को ऐसा मंच मिल गया कि उसका शौक ही कॅरियर बन गया और यही उनकी नई पहचान हो गई है। पिछले दिनों अनुपम की बनाई भगवान बुद्ध की ध्यानमग्न पेंटिंग की बोली एक लाख रुपए लगी। शहर के बीआरडी इण्टर कालेज के पेंटिंग टीचर अजीत कुमार मिश्र के सबसे छोटे बेटे अनुपम मिश्र ने पेंटिंग का ककहरा घर से ही सीखना शुरू किया। हालांकि चित्रकारी सिखने के लिए उन्होंने कोई प्रोफेशन कोर्स नहीं किया था। अलबत्ता हाथ ने जब ब्रश होते तो कैनवस पर संवेदनाएं स्वस्फूर्त आकार लेने लगती थीं। जिले में जब भी कोई पेंटिंग प्रतियोगिता होती अनुपम जरूर हिस्सा लेता, जहां पेंटिंग तारीफ पाती ही, उसे पुरस्कार में मिलते। वर्ष 2000 में जीआईसी से हाईस्कूल और 2002 में मारवाड़ी कालेज से इण्टरमीडिएट करने के बाद अनुपम ग्रेजुएशन करने दिल्ली गए। वहां दयाल सिंह कालेज से हिस्ट्री आनर्स में ग्रेजुएशन और रामजस कालेज नार्थ कैम्पस से प्राचीन इतिहास से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। लेकिन सिविल की तैयारी में उनका मन नहीं लगा और दिल्ली के माडर्न आर्ट गैलरी, आईफैक्स, विजुअल आर्ट गैलरी ललित कला, त्रिवेणी कला संगम, इण्डिया हैवीटेट सेण्टर में लगी पेण्टिंग को देखकर कलाकार मन में छिपे विविध रंग उभरने लगे। इसी बीच उनकी मुलाकात चित्रकार पृथ्वीवासी से हुई। दो साल उनके साथ रहकर कला की बारीकियां सीखीं। इसके बाद सुदीप रंजन रावत, दीपांकर सिकदर, जीसू नागा, डब्लू इनोतोन के साथ भी मिलकर काफी पेंटिंग बनाई। जो प्रदर्शनियों में काफी सराही गई। 1 लाख में बिकी है ध्यानमग्न बुद्ध की पेण्टिंगअनुपम अपनी पेण्टिंग दिल्ली के अन्या आर्ट्स को देते हैं। आईफैक्स गैलरी में उनकी ध्यान मग्न बुद्ध की पेण्टिंग 1 लाख रूपए में बिकी है। खरीदारों में टोपी पहनी महिला का पोट्रेट, गर्भवती महिला व अन्य एब्सट्रेक्ट काफी पसंद किए गए हैं। एक साल बाद ललित कला संगीत विकास द्वारा उनकी कलाकृतियां इण्टरनेशनल शो में भी जाएगी। वह कहते हैं कि भविष्य में देवरिया में भी प्रदर्शनी लगाएंगे। ताकि यहां के युवाओं को भी चित्रकला को कैरियर के रूप में अपनाने की जानकारी मिल सके। 21, 22 व 23 दिसम्बर को खेलगांव में लगेगी प्रदर्शनीअनुपम ने पहली प्रदर्शनी वर्ष 2008 में आईफैक्स गैलरी दिल्ली व 2010 में ट्रावनकेार पैलेस में लग चुकी है। 21, 22 व 23 दिसम्बर को खेलगांव में अर्पणा आर्ट गैलरी में ग्रुप शो में ही उनकी पेण्टिंग की प्रदर्शनी लगेगी। अपनी पेण्टिंग में उन्हें बन रहे फ्लाईओवर के पास पुलिस का बैरियर और उस पर बैठी चिडिम्यां तथा मजदूरों के हेलमेट का ढ़ेर और पीछे चल रहा निर्माण कार्य के अलावा कई अनटाइल्ड पेण्टिंग बेहद पंसद है। उनकी हसरत मुम्बई व बड़ादा के आर्ट गैलरियों में प्रदर्शनी लगाने की है। लेकिन कला कोई जीतने वाली वस्तु नहीं मान किसी पेण्टिंग प्रतियोगिता में भाग नहीं लेना चाहते।

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