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सांसद में अपडेट-----पुलिसलाइन ले जाए गये धनंजय, सियासी हलचल तेज

जौनपुर पुलिस आज पेश करेगी जिला कोर्ट में दोहरे हत्याकांड के आरोपितों के घर हुई तलाशीशासन स्तर से जौनपुर पुलिस से होती रही पूछताछवरिष्ठ संवाददाता जौनपुरबसपा सांसद धनंजय सिंह को रविवार को लखनऊ में गिरप्तार करने के बाद देर रात ग्यारह बजे पुलिस शहर में लेकर पहुंची। उन्हें पुलिसलाइन ले जाया गया हालांकि यह पुष्ट नहीं हो सका कि उन्हें असल में कहां रखा गया। जिले की सीमा में प्रवेश करते ही सिंगरामऊ के पास समर्थकों का काफिला वहां पहुंच गया और पुलिस की गाड़ी के पीछे लगा रहा। यह देख सीओ सिटी रणविजय सिंह उन्हें लेकर सिंगरामऊ थाने में चले आए और 15 मिनट इंतजार किया। लेकिन जब भीड़ नहीं छंटी तो वह धनंजय को लेकर शहर की ओर चल पड़े। इसके पूर्व सांसद की गिरफ्तारी के बाद जिले की पुलिस ने जमैठा गांव व शहर के कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। शहर के लाइनबाजार थानाक्षेत्र के आरटीओ रोड पर स्थित आशुतोष के घर की भी तलाशी हुई। हालांकि इसमें किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है। उधर, बेलाव हत्याकांड में देर रात तक शासन स्तर पर यहां की पुलिस से पूछताछ जारी रही। बसपा सांसद की गिरफ्तारी के बाद जिले में हलचल तेज हो गयीं। उनके समर्थक भी लामबंद होने लगे हैं। धनन्जय को केराकत कोतवाली के बेलाव घाट में हुए दोहरे हत्याकांड में रविवार को गिरफ्तार किया गया है। एक अप्रैल 10 को मात्र साढ़े सात रुपये के टोलटैक्स की खातिर ठेकेदार संजय निषाद और नन्दलाल की तीन लोगों ने गोलीमार कर हत्याकर दी थी। एक दिन पूर्व इन युवकों से पैसे को लेकर कहासुनी हुई थी। मृतक संजय के भाई राजेन्द्र निषाद ने केराकत कोतवाली में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करायी थी। इस मामले में केराकत पुलिस ने विवेचना के दौरान जफराबाद थानाक्षेत्र के जमैठा निवासी आशुतोष सिंह, पुनीत सिंह व डब्बू सिंह तथा चन्दौली जिले के संदीप को नामजद किया था। तीन आरोपितों ने कोर्ट से अपनी जमानत ली है। इस मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गयी जिसने 27 मई 10 को अपना काम शुरू कर दिया था। लेकिन कुछ दिनों की जांच के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। इस बीच सांसद धनन्जय सिंह ने सितम्बर माह 11 में पार्टी में आन्तरिक लोकतंत्र की आवाज उठायी तो उन्हें निलम्बित कर दिया। फिर बेलाव घाट के दोहरे हत्याकांड की फाइल खुल गयी। सीबीसीआईडी ने 26 सितम्बर माह 2011 को जौनपुर के लोकनिर्माण विभाग में सांसद निधि से कराये गये ठेकों और बेलाव घाट हत्याकांड के सभी पहलुओं पर परीक्षण किया। टीम ने मृतक संजय के पिता अभयराज निषाद का बयान भी दर्ज किया। फिर पूरी रिपोर्ट शासन को सौंप दी जिसमें सांसद को घटना के लिए उकसाने के रूप में चिह्नित किया। घटना दर घटनाएक अप्रैल 2010 को बेलाव घाट पर टोलटैक्स पर डबल मर्डर संजय निषाद और नन्दलाल निषाद मारे गये थे महज साढ़े सात रुपये के लेनदेन में हुई थी वारदातबाइक पर सवार तीन बदमाशों ने घटना को दिया था अंजाम भाई राजेन्द्र ने तीन अज्ञात के विरुद्ध दर्ज करायी थी रिपोर्टपुलिस ने सांसद के नजदीकी आशुतोष समेत चार को किया था नामजदआशुतोष, पुनीतसिंह, व संदीप सिंह ने करा ली है जमानत27 मई 10 को मामला सीबीसीआईडी को हुआ सुपुर्दमध्य सितम्बर में सांसद ने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बहाली की उठायी मांग23 सितम्बर 11 को मायावती ने सांसद को किया पार्टी से निलम्बित25 सितम्बर को वाई श्रेणी की सुरक्षा ली गयी वापस26 सितम्बर को जांच मे आयी सीबीसीआईडी, बेलावघाट भी पहुंची थीसांसद निधि के तहत पीडब्ल्यूडी से कराये गये कार्यो की विस्तृत जानकारी लीसीबीसीआईडी टीम ने जांच कर लगायी थी रिपोर्ट20 नवम्बर 11 को पार्टी ने सांसद का निलम्बन लिया वापस11 दिसम्बर को लखनऊ के बहुखण्डीय भवन से किया गिरफ्तारधनंजय पर कुल 28 मुकदमें थे जिसमें से 22 में दोषमुक्त, दो में पीआई, एक में सुलह तथा एक में जमानत पर रिहा हैं।ं

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