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शीत सत्र को लेकर झाविमो विधायकों की बैठक 18 को

रांची हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड विधानसभा के शीत सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष जुट गया है। सरकारी कामकाज में व्याप्त अराजकता और अव्यवस्था, विकास योजनाओं में गडबडिम्यां तो सामान्य मुद्दे होंगे। विपक्ष इस सत्र में राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार और गिरती कानून व्यवस्था पर विशेष बहस कराने की मांग उठाएगा।

झाविमो विधायक दल नेता प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य सरकार के मुखिया अर्जुन मुंडा बराबर बयान देते रहते हैं कि भ्रष्टाचार मिटाने के लिए उनकी सरकार कटिबद्ध है। लेकिन पंचायत स्तर पर मनरेगा से लेकर अन्य छोटे-बड़े विकास काम में भ्रष्टाचार सिर चढ़कर बोल रहा है। आम आदमी को ड्राइविंग लाइसेंस लेना हो या ट्रांसपोर्ट परमिट, हर काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती है।

यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार मिटाना चाहते हैं, तो विधानसभा के शीत सत्र में एक दिन इस पर विशेष बहस कराएं। विधायक दल नेता ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की गिरती हालत पर भी सदन में चर्चा कराने की जरूरत है। विपक्ष चाहेगा कि सरकार इस पर विशेष बहस कराए और राज्य को बताए कि कैसे यह दुर्दशा सुधरेगी।

राज्य के कई शहरों में आपराधिक गिरोह के लोग सक्रिय हैं। हत्या और अन्य आपराधिक घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। राजधानी में पुलिस कहती है कि महिलाएं शाम के बाद घरों से न निकलें। मुख्यमंत्री इसे नकारात्मक ढंग से न लें, बल्कि इस पर सर्वमान्य सहमति बनाएं।

झाविमो ने सत्र शुरू होने के एक दिन पहले 18 दिसंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें सत्र के मुद्दों पर चर्चा होगी। विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस विषय को रखा जाएगा।

विपक्ष धान के फसल की बर्बादी, टेट परीक्षा में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ पर ध्यान खींचेगा। इन मुद्दों पर जोर’ भ्रष्टाचार व कानून व्यवस्था पर बहस कराए सरकार’ धान के फसल की बर्बादी, टेट परीक्षा में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ पर भी ध्यान खींचेगा विपक्ष

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