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सूबे के 18 साल तक के बच्चों का होगा सर्वे

रांची हिन्दुस्तान ब्यूरो। आपके घर नए मेहमान के आते ही एक और ‘मेहमान’ दस्तक देगा। यह मेहमान कोई और नहीं बल्कि आपके गांव या आसपास के स्कूल के शिक्षक या वीइसी के सदस्य होंगे। बजाप्ते नामकरण से लेकर छह साल पूरा होने की खुशी भी शामिल होगी।

नामकरण के समय ही रजिस्टर में बच्चों को नामांकित कर लिया जाएगा। छह साल होते ही फिर मास्साब आपके घर दस्तक देंगे। बच्चों का नामांकन कहीं नहीं हुआ है, तो उसे स्कूल में नामांकन सुनिश्चित कराएंगे। रोज स्कूल आने के लिए अभिभावकों को भी प्रेरित करेंगे।

इस अभियान में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा। राज्य के सभी सरकारी स्कूलों का क्षेत्र निर्धारित किया जाएगा। थाना की तरह स्कूलों का क्षेत्र होगा। उस क्षेत्र में अगर कोई भी बच्चाा स्कूल से बाहर रहा, तो इसकी पूरी जिम्मेवारी मास्साब और वीइसी सदस्य की होगी।

साथ ही राज्य के 18 साल तक के एक-एक बच्चों का रिकार्ड भी शिक्षा विभाग के पास होगा। साथ ही इसका भी आकलन करने में आसानी होगी कि अगले साल कितने बच्चों का नामांकन पहली कक्षा में होगा।

किताब छपाई के ऑर्डर में सहूलियत : बच्चों की वास्तविक संख्या पता होने पर शिक्षा विभाग को किताब छपाई का ऑर्डर देने में सहूलियत होगी। अब तक पहली कक्षा की किताब छपाई का आर्डर अनुमान के अनुसार ही दिया जाता है।

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