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उग्रवादग्रस्त जिलों में झारखंड पुलिस बढ़ाएगी संसाधन

रांची अजय शर्मा। अगर आप भीड़ में हैं। दंगा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बलवा कर रहे हैं। अब पुलिस उन हथियारों का उपयोग करेगी, जो उसी जगह लोगों को किसी लायक नहीं छोड़ेगा। शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं होंगे। सिर्फ आंख में तेज जलन होगी और करंट के झटके भी लगेंगे।

झारखंड पुलिस जल्द ही ऐसे संसाधनों की खरीद करनेवाली है, जो भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कारगर साबित होगा। पुलिस के संसाधनों में जो कुछ जुड़ने वाला है, उसमें न्यूसिक लांचर, लेजर डेजर, चिली बम, करंट देनेवाली लाठी, मल्टीपरपज बेल्ट, ऐसा टार्च जो आंख को चकाचौंध कर दे।

रबड़ की ऐसी गोली जो लगने पर घाव तो नहीं करेगी, लेकिन देर तक दर्द करेगी। गुड़गांव के एसआरजी कंपनी ने शनिवार को इन संसाधन और हथियारों को झारखंड पुलिस के आलाधिकारियों को दिखाया। करीब एक दर्जन पुलिस अफसर इन संसाधनों को देखने के बाद इसे उपयुक्त बताया है। इसकी खरीद की संभावना बढ़ गई है।

जल्द ही एसआरजी कंपनी को इसकी आपूर्ति करने का आदेश मिल जाएगा। इन सामानों को झारखंड के उग्रवादग्रस्त जिलों में भेजा जाएगा। चिली बम: आंसू गैस के जैसा मिर्च का पाउडर निकलेगा और चारों ओर हवा में उड़ेगा, जिससे दंगाई काबू में आ पाएंगे।लेजरडेजर : टार्च की रोशनी पड़ते ही आंख चौंधिया जाएगी व अंधेरा छा जाएगा।

बदमाशों का भागना आसान नहीं होगा मल्टी परपज बेल्ट : बेल्ट पैंट के काम तो आएगी ही, लेकिन इसकी मार का दाग शरीर पर नहीं दिखाई देगान्यूटेसिक लांचर : पत्थर के टुकड़े, रबड़ की गोली, रबड़ बॉल कुछ भी डालकर चलाया जा सकता है। इसकी मारक क्षमता 150 फीट है। यह तरह एसएलआर की तरह है।

भीड़ को तितर-बितर करने में कारगर होगा।खुजलाने वाली गोली: शरीर के जिस किसी भी हिस्से में यह गोली लगेगी, उस व्यक्ति को गोली लगे स्थान पर तेज खुजली होगी। गोली शरीर में रबड़ बुलेट की तरह चोट करेगी और जलन शुरू हो जाएगी।

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