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अन्ना आक्रामक सरकार सतर्क

लोकपाल विधेयक पर संसदीय समिति की रिपोर्ट से खफा समाजसेवी अन्ना हजारे के तेवर आक्रामक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के साथ धोखा कर रही है। अगर, सशक्त लोकपाल बिल पारित नहीं हुआ तो इस बार और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अन्ना की चेतावनी के मद्देनजर सरकार भी सतर्क हो गई है और सुरक्षित उपायों में जुट गई है। लोकपाल विधेयक को अंतिम रूप देने के लिए सरकार 14 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, सर्वदलीय बैठक में सरकार समिति की रिपोर्ट के मद्देनजर प्रधानमंत्री, कार्मिकों और सीबीआई को लोकपाल के दायरे में लाने जैसे मुद्दों पर राजनीतिक दलों की राय जानेगी। उधर, कांग्रेस ने कहा कि अन्ना हजारे केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं, उन्हें पहले विधेयक पारित होने का इंतजार करना चाहिए।

अन्ना हजारे रविवार को जंतर-मंतर पर सांकेतिक धरना देने वाले हैं। वह शनिवार सुबह अपने गांव रालेगण सिद्धि से चले तो उनके तेवर थोड़े तल्ख थे, मगर दिल्ली पहुंचते ही उनके चेहरे पर आक्रामकता साफ झलक रही थी। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में सरकार के प्रति कड़ी नाराजगी जताते हुए अपना रुख साफ कर दिया।

अन्ना हजारे ने समिति की सिफारिशों में सबसे बड़ी खामी यह निकाली कि लोकपाल को भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ जांच का अधिकार नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जिन तीन मुद्दों पर लिखित आश्वासन दिया था, उन्हें भी समिति ने पूरा नहीं किया।

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