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‘पढ़ा नहीं सकते तो बच्चे पैदा करने का हक नहीं’

बच्चों को रोटी, कपड़ा, स्वास्थ्य और शिक्षा देने के अधिकारों की जोरदार वकालत करते हुए देश के मुख्य न्यायाधीश एस. एच. कपाड़िया ने कहा है कि जो लोग अपने बच्चों को ये सब मुहैया नहीं करा सकते, उन्हें बच्चे पैदा करने का अधिकार नहीं है।

मानवाधिकार दिवस पर शनिवार को वह बाल अधिकार आयोग के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर जस्टिस कपाड़िया ने कहा कि यह बात ठीक है कि बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का कर्तव्यसरकार का है। मगर अपने बच्चों को स्कूल भेजने की जिम्मेदारी माता-पिता की है। यदि माता-पिता यह जिम्मेदारी नहीं निभा सकते तो बच्चे पैदा करने का उन्हें हक नहीं है।

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