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हाईकोर्ट मजार से हटा अतिक्रमण

कार्यालय संवाददाता पटना। पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने हजरत सैयद गुलाम सफदर पीर मुराद शाह (रह.) की मजार यानी हाईकोर्ट मजार से शनिवार को अतिक्रमण हटा दिया। कई वर्षों से अवैध रूप से कब्जा जमाए दुकानदारों ने अतिक्रमण हटाने का हल्का विरोध किया।

प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए वहां पहुंचा तो दुकानदारों की भीड़ जमा हो गई। लोगों के विरोध की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी पूरी तैयारी कर वहां गये थे। वज्र वाहन के साथ ही दो दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मियों को वहां तैनात किया गया था।

प्रशासन ने चार दर्जन से अधिक दुकानों व गैरेजों को वहां से हटा दिया। 2 दिसम्बर को न्यायालय ने प्रशासन को आदेश दिया था कि मजार के पास से अवैध कब्जे को हटाया जाए और इसकी रिपोर्ट दस दिनों में न्यायालय को दी जाए।

हाईकोर्ट मजार कमेटी ने वहां से अतिक्रमण हटाने के लिए वर्ष 2007 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। यह जमीन बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड की है। कमेटी के संयुक्त सचिव मो. इसराफिल का कहना है कि प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है।

गरीब व असहाय दुकानदारों व गैरेज संचालकों को हटा दिया गया पर जो बड़े लोग थे उन्हें नहीं हटाया गया। इधर प्रशासन का कहना है कि जो भी कार्रवाई हुई है वह कोर्ट के आदेशानुसार हुई है। कोर्ट ने 2 दिसम्बर को वहां से अतिक्रमण हटाने का आदेश जिला प्रशासन को दिया था, इसी पर कार्रवाई हुई।

इधर, सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन मो. इरशादुल्लाह ने बताया कि पिछले चार वर्षों से इन लोगों को हटने के लिए कहा जा रहा है। इसके बावजूद ये लोग मनमानी कर रहे थे। अतिक्रमण हटाने में के सदर एसडीओ मो. मकसूद आलम, विधि-व्यवस्था डीएसपी ललित मोहन शर्मा, कोतवाली थानेदार अमन कुमार सदलबल मौजूद थे। बहरहाल पांच-छह घंटे के दौरान वहां से अवैध कब्जा हटाया गया।

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