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फर्जी चेक के मामले में सफाई कर्मी गिरफ्तार

निज संवाददाता, संतकबीर नगर। फर्जी चेक के जरिए 98 लाख रुपए हड़पने के मामले में एसओजी ने शुक्रवार की रात छापा मारकर महुली थाना क्षेत्र के ग्राम लखनोहर निवासी सफाई कर्मी गोविंद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। एसओजी ने उसके पास से डेढ़ लाख रुपए नकद भी बरामद किए हैं। धनघटा थानाक्षेत्र के ग्राम दौलतपुर निवासी विजय के माध्यम से गोविंद ने ही राजमन विश्वकर्मा को 98 लाख रुपए का चेक दिया था। उधर, इस मामले में आधा दर्जन बंककर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है।

एसबीआई का कारपोरेट सेण्टर मुंबई मामले की जांच करा रहा है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।एसओजी का दावा है कि गोविंद चौधरी से पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि कमल पाण्डेय और गोविंद के बीच काफी पुराने संबंध हैं। कमल ने गोविंद से कहा था कि किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश करो, जिसका खाता पंजाब नेशनल बैंक में हो। चेक भुगतान होने के बाद आधा पैसा मुङो दे देना। आधे में खातेदार और तुम ले लेना।

इसके बाद गोविंद ने अपने परिचित विजय से बातचीत की। विजय ने बताया कि उसके साथी राजमन विश्वकर्मा का खाता विश्वकर्मा ट्रेडर्स के नाम से पीएनबी उमरिया बाजार में है। इसके बाद दोनों ने राजमन से संपर्क कर उसे खाते से चेक का भुगतान कराने के लिए राजी कर लिया। राजमन के राजी होने पर गोविंद चौधरी, कमल पाण्डेय से संपर्क कर विश्वकर्मा ट्रेडर्स के नाम 98 लाख रुपए का चेक बनवाकर राजमन को दे दिया। एसपी डॉ. के एजिलरशन का कहना है कि इस मामले में पुलिस सक्रियता से जुटी हुई है। दो आरोपितों के गिरफ्तारी के साथ चार लाख आठ हजार रुपए बरामद किए जा चुके हैं। अन्य आरोपितों के नाम और पते की जानकारी हो गई है। शीघ्र ही उनकी भी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

बभनान के लड्ड मिश्र और कमल ने मिलकर रचा था ताना बानाराजकुमार त्रिपाठी,संतकबीरनगरफर्जी चेक के जरिए एफसीआई को 98 लाख रुपए का चूना लगाने का ताना-बाना अकेले कमल पाण्डेय ने नहीं बुना था। एसओजी प्रभारी अजीत नाथ मिश्र ने बताया कि बस्ती जिले के बभनान निवासी लड्ड मिश्र और कमल ने मिलकर रकम हड़पने की साजिश रची थी। इस कार्य में लड्ड ने सबसे अधिक चालाकी दिखाई है। उसने अपने खाते में न तो चेक जमा किया और न ही कोई भुगतान लिया है। जबकि कमल पाण्डेय ने अपने एक्सिस बैंक बस्ती के खाते में 36 लाख रुपए राजमन से ट्रांसफर करवा लिया था। यही वजह है कि पुलिस की जांच में राजमन के बाद सबसे पहले कमल पाण्डेय का नाम सामने आया। एसबीआई ने पीएनबी से मांगे 98 लाख-

फर्जीवाडे के इस मामले में आमने-सामने हैं दोनों बैंक

बुद्धि सागर मिश्र धनघटा,संतकबीरनगर। एफसीआई के फर्जी चेक के भुगतान के मामले में अब एसबीआई की बस्ती शाखा और पीएनबी की उमरिया शाखा आमने-सामने है। भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा बस्ती ने पत्र लिखकर पीएनबी उमरिया से फर्जीवाडेम् में भुगतान किए गए 98 लाख 80 हजार रुपए का भुगतान मांगा है, लेकिन इस पैसे का भुगतान करने से पीएनबी उमरिया बाजार इनकार कर रहा है।

पीएनबी उमरिया बाजार के प्रबन्धक मोहनलाल का कहना है कि भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा बस्ती के नाम से चेक था। जब उसका क्लीयरेन्स हो गया तो उसके बाद ही भुगतान किया गया। ऐसे में जब एसबीआई ने खुद चेक का क्लीयरेंस किया गया है तो फिर पीएनबी का इसमें कहां से दोष है। प्रबंधक का कहना है कि अगर वहां से चेक क्लीयर होकर नहीं आता तो भुगतान अपने आप अटक गया होता।

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