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केमिकल इंजीनियरिंग के 10 शिक्षकों को नोटिस

वाराणसी। कार्यालय संवाददाता। बीएचयू के प्रौद्योगिकी संस्थान के 10 शिक्षकों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी की है। इन शिक्षकों ने विभागाध्यक्ष की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए कुलपति को सामूहिक प्रतिवेदन दिया था। सूत्रों के मुताबिक विभाग के कुछ अध्यापकों को इस बात की शिकायत थी कि विभागाध्यक्ष शोध व अन्य कार्यो में रुचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कई बार इसके लिए खुद विभागाध्यक्ष से भी बात की थी, लेकिन जब कोई बात नहीं बनी तो फिर संस्थान के निदेशक समेत अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की। उनका कहना था कि शोध कार्य न होने से छात्रों और अध्यापकों का नुकसान तो हो ही रहा है, इसके लिए जारी हुई धनराशि भी बेकार पड़ी हुई है।

सूत्रों का कहना है कि कुलपति ने सितम्बर में की गई इस शिकायत पर एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन भी किया और इसकी रिपोर्ट भी विभागाध्यक्ष के खिलाफ थी, लेकिन बाद में यह रिपोर्ट दबा दी गयी और शुक्रवार को अचानक शिकायत करने वाले शिक्षकों को नोटिस थमा दी गयी। जिन शिक्षकों को नोटिस दी गयी है, उनमें सात प्रोफेसर और तीन असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं।

इस बारे में संस्थान के निदेशक प्रो. केपी सिंह ने कहा कि मेरे पास जब यह मामला आया था तो मैंने दोनों पक्षों से बातचीत के आधार पर इसे सुलझा लेने की सलाह दी थी। बाद में क्या हुआ, इस बारे में मैं कुछ नहीं बता सकता। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि अध्यापकों को नोटिस दी गई है।इस बीच अधिकारियों का कहना है कि बीएचयू के नियमों के मुताबिक इस तरह के प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसलिए इन सभी शिक्षकों को शुक्रवार को नोटिस जारी कर दिया। बीएचयू के प्रेस पब्लिकेशन एंड पब्लिसिटी सेल के प्रभारी चेयरमैन प्रो. सोहनलाल यादव ने नोटिस जारी होने की पुष्टि की है।

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  • Web Title:केमिकल इंजीनियरिंग के 10 शिक्षकों को नोटिस