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सर्दी है कम, गर्म कपड़ों का धंधा हुआ मंदा

दिसम्बर का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में बीते वर्ष के मुकाबले अपेक्षित सर्दी न होने से गर्म कपड़ों का धंधा मंदा चल रहा है, जिससे व्यापारियों और दुकानदारों में मायूसी है।

गर्म कपड़ों के दुकानदारों की मानें तो सर्दी में कमी के चलते उनके व्यवसाय में पिछले साल की तुलना में करीब 25 से 30 फीसदी की गिरावट चल रही है। वहीं मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आमतौर पर दिसम्बर के दूसरे सप्ताह में राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के दूसरे शहरों का न्यूनतम तापमान आठ से नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज होता है।

बुधवार को राजधानी लखनऊ का न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक था।
 
मौसम विभाग के निदेशक जे.पी.गुप्ता ने बताया, ''10 दिसम्बर के बाद से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने की सम्भावना है। वैसे आने वाले दिनों में कोहरा छाया रहेगा। उन्होंने कहा कि न्यूनतम तापमान में वृद्धि के लिए पूर्वी हवाएं जिम्मेदार हैं।''

गौरतलब है कि हर साल नवम्बर के तीसरे सप्ताह से प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और इलाहाबाद के ऊनी कपड़ों के जो बाजार खरीददारों से गुलजार होने लगते थे, लेकिन दिसम्बर का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद बाजारों से रौनक गायब है।

लखनऊ के सबसे बड़े बाजार अमीनाबाद स्थित जे.के.गारमेंट्स के प्रबंधक जी.रिजवान ने बताया कि सर्दी में कमी के कारण खरीददारों की अपेक्षित आवक नहीं आ रही है। जैकेट, स्वेटर, कम्बल, इनर और शॉल के साथ-साथ ऊन की बिक्री उम्मीद से कम हो रही है।

इलाहाबाद के कोठा पार्चा बाजार स्थित फिट फॉर फैशन एम्पोरियम के अविनाश चंद्र ने बताया, ''हमने सीजन शुरू होने से पहले गर्म कपड़ों के उत्पादन के लिए मशहूर लुधियाना से स्वेटर, जैकेट, मफलर और शॉल का स्टॉक लाकर जमा कर लिया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सर्दी न पड़ने से लोग अभी गर्म कपड़ों की खरीददारी के लिए घरों से नहीं निकल रहे हैं, जिससे हम लोगों में थोड़ी मायूसी है।'' चंद्र ने कहा कि सर्दी में कमी के साथ-साथ ऊनी कपड़ों, खासकर स्वेटर और जैकेट के दामों में पिछले साल की तुलना में करीब 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी भी खरीददारों की कम दिलचस्पी की वजह हो सकती है। 

कानपुर स्थित ऊनी कपड़ों के प्रमुख प्रतिष्ठान बी.एल.ओसवाल के गौरव कुमार कहते हैं, ''हमें उम्मीद है कि सर्दी में इजाफा होने के बाद 25 दिसम्बर से ऊनी कपड़ों का बाजार जोर पकड़ेगा।'' कुमार ने कहा कि दिसम्बर महीने का सूनापन जनवरी में भरेगा, क्योंकि जनवरी में सर्दी अधिक पड़ती है जो ऊनी कपड़ों की बिक्री के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है।

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