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बड़े अस्पतालों में है पुरानी व्यवस्था

कार्यालय संवाददाता पटना। ईश्वर न करे राजधानी के किसी बड़े सरकारी अस्पताल में कोई अग्निकांड हो। इन अस्पतालों में आग से निपटने के नाम पर कोई आधुनिक व्यवस्था नहीं है। जो व्यवस्था है वह पिछले कई वर्षो से चली आ रही है। यदि कोई बड़ा अग्निकांड हो जाय तो स्थिति भयावह हो सकती है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी है है।

अस्पताल में सुविधाएं बढ़ी है। नए उपकरण लगे हैं पर आग बुझाने के लिए भरोसा सिर्फ अग्निशमन मशीन (फायर एक्सटींग्यूसर) पर ही है। पीएमसीएचइस अस्पताल में सभी प्रमुख विभागों में फायर एक्सटींग्यूसर रखे हुए हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. ओपी चौधरी का कहना है कि फायर ब्रिगेड ने सर्वे कर जिन स्थानों पर मशीन लगाने के लिए चिन्हित किया है उन स्थानों पर यह उपकरण लगाया गया है।

फायर ब्रिगेड के निर्देश पर ही ये उपकरण लगे हैं और सभी अपटूडेट हैं। डॉ. चौधरी का कहना है कि इस तरह कुछ होने पर फायर ब्रिगेड की मदद लेनी होती है। वाटर प्रेशर से आग बुझाने की व्यवस्था इन अस्पतालों में नहीं है।

एनएमसीएचनालंदा मेडिकल कालेज में भी आग बुझाने के लिए आधुनिक तकनीक की व्यवस्था नहीं है। यहां कुछ विभागों में अग्निशमन मशीन है तो कुछ में नहीं है। अस्पताल के बच्चा वार्ड में यह उपकरण नहीं है। इसकी पुष्टि शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार ठाकुर ने भी की।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. शिवकुमारी प्रसाद का कहना है कि पहले से जो उपकरण लगे हैं वहीं है। आग बुझाने की व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए टेंडर निकाला गया है। जल्द आग बुझाने के लिए आधुनिक तकनीक वाली व्यवस्था कर ली जाएगी। आईजीआईएमएसवहीं आईजीआईएम भी आग बुझाने के लिए अग्निशमन मशीन पर ही निर्भर हैं।

यहां विभिन्न विभागों में छोटे-बड़े उपकरण अलग-अलग साइज के लगाए गए हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि फिलहाल पहले वाली ही व्यवस्था है। पर आग बुझाने के लिए समुचित व्यवस्था करने के लिए सरकार से पैसे की मांग की गई थी।

सरकार से इस मद में 80 लाख रुपए मिले हैं। दो सप्ताह के अंदर टेंडर निकाला जाएगा। साइंटिफिक कंसल्टेंट से ब्लू प्रिंट तैयार कराया गया। दो महीने के अंदर संस्थान में आग बुझाने की आधुनिक व्यवस्था कर दी जाएगी।

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