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ईंटों के ढेर में छिपी मिली बच्ची

मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है, इसका उदाहरण शुक्रवार को मक्खनपुर में देखने को मिला। पत्थर दिल मां ने तो पैदा होते ही कन्या को मौत की आगोश में डाल दिया था पर भगवान ने दो लोगों को फरिश्ता बनाकर वहां भेजा और बचा लिया। कन्या की खबर क्षेत्र में जंगल में आग की तरह फैल गई। वहां पर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। चाइल्ड लाइन के पदाधिकारियों ने बच्चाी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
 
घटना शुक्रवार सुबह की है। जेबड़ा रोड पर प्रतिदिन की भांति क्षेत्र के लोग शौच को गए तो बच्चाे के रोने की आवाज सुनाई दी। उसने इधर उधर देखा तो कहीं भी बच्चा नहीं दिखाई दिया। उसने ध्यान से सुना तो उसको पुन: आवाज सुनाई दी। बाद में उसे एक ईंटों की जाली नुमा चटटान देखी। लोग वहां पहुंचे तो पता चला कि आवाज वहीं से आ रही थी। उन्होंने ईंटें हटाई तो चौंक गए। वहां पर एक नवजात कन्या पड़ी हुई थी। उसकी छाती पर भी दो ईंटे रखी थीं। कन्या को देख उन्होंने शोर मचा दिया। वहां के रहने वाले महेन्द्र सिंह यादव तथा सत्यवीर यादव ने जाकर मौहल्ले में नवजात के बारे में बताया। उनकी पड़ोस के काफी लोग पहुंच गए।
 
 स्टेशन रोड निवासी रुखसार तथा उसका पति सरफराज भी वहां पर पहुंच गया। वहां पर लोगों की खासी भीड़ लग गई। कन्या को देख सभी लोग दांतों तले अंगुली दबा गए। ईंटों के नीचे दबी कन्या जिन्दा थी। लोगों उसकी छाती पर रखी ईंटों को हटाया। रुखसार उसे घर ले गई और नाल कटवाया। धीरे धीरे इसकी जानकारी लोगों को हुई तो पुलिस तक बात पहुंच गई। पता चलने पर चाइल्ड लाइन के पदाधिकारी डा. जफर वहां पर पहुंच गए। पुलिस की सहमति से उन्होंने कन्या को रुखसार के घर से अपनी कस्टडी में ले लिया। उसको उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में भी कन्या को देखने के लिए भीड़ लगी हुई है।
 
 
नार तक नहीं कटा था कन्या का
फिरोजाबाद। कन्या का जन्म होते ही उसके परिवारीजनों ने मारने की ठान ली थी। तभी जन्म के बाद उन्होंने कन्या का नार तक कटवाने का प्रयास नहीं किया। उसको पैदा होते ही ईटों के ढेर में रखवा दिया। बाद में पड़ोस के लोगों ने चिकित्सक को बुलवाकर उसका नार कटवाया।
 
ईंटों के नीचे दबा देख कांपे लोग
फिरोजाबाद। ईंटों के नीचे दबी नवजात कन्या को देख लोगों के दिल कांप गए। वहां पर मौजूद महिलाएं कन्या को देख भौंचक्की रह गई। वह कन्या की मां को कोस रही थी। वहां पर लोग कन्या के बारे में तरह तरह की बातें करने लगीं। कुछ का कहना था कि घर में लड़कियां ज्यादा होंगी इसलिए उसने ऐसा कृत्य किया होगा। कुछ लोगों का कहना था कि किसी लड़की के अवैध संतान होने के कारण उसको फैंका गया है।
 
रुखसार कन्या को अपनाने को बेताब
फिरोजाबाद। कन्या मिलने से कोई कुछ कह रहा हो पर रुखसार उसको अपनाने के लिए काफी बेचैन है। रुखसार का पति सरफराज कारखाने में काम करता है। उसकी शादी को 13 वर्ष हो गए है। इतने अन्तराल के बाद भी वह मां नहीं बन सकी है। कन्या को वह अपने सीने से लगाए हुए है। उसका मानना है कि अल्लाह ने उसको बच्चाी सौगात में दी है। कन्या को लेने के लिए काफी लोग तैयार थे। पर चूंकि रुखसार ने उसको पहले उठा कर उसका नार कटवाया तथा उसकी देखभाल की तो लोग चुप रह गए।
 
अस्पताल में चल रहा इलाज
फिरोजाबाद। बच्ची इस समय चाइल्ड लाइन के पदाधिकारियों की देखरेख में है। उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। वह इस पूर्ण रूप से स्वस्थ है। अस्पताल में रुखसार उसको सीने से लगाए बैठी है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विश्वविमोहन भी अस्पताल पहुंच गए। मजिस्ट्रेट ही  बच्ची के भविष्य के बारे में निर्णय लेंगे। कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे दिया जाएगा। अस्पताल में भी जिसको बच्चाी के बारे में पता चला, वह उसे देखने के लिए पहुंच गया।

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