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प्रत्याशियों से मिलने, रूठे को मनाने श्‍ानिवार को आएंगे राहुल

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को मिशन 2012 का नाम दे चुके कांग्रेस महासचिव और अमेठी के सांसद राहुल गांधी शनिवार को दो दिन के दौरे पर आ रहे हैं जिसमें वह पार्टी के घोषित प्रत्याशियों और दूसरे दलों से पार्टी में शामिल लोगों को उम्मीदवार बनाने से नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास करेंगे।

गांधी कल दस दिसम्बर को दो दिन के उत्तर प्रदेश दौरे पर आ रहे हैं, जिसमें वह विधानसभा चुनाव के लिए घोषित प्रत्याशियों से मुलाकात करेंगे। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राम कुमार भार्गव ने आज कहा कि गांधी दस दिसम्बर को विधानसभा चुनाव के लिए घोषित सभी 213 प्रत्याशियों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उनका प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों और शहर अध्यक्षों से भी मुलाकात का कार्यक्रम है जिसमें वह चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा करेंगे।

उन्होंने कहा कि 11 दिसम्बर को गांधी युवक कांग्रेस के निर्वाचित पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। गांधी 13 दिसम्बर से बदायूं से जनसम्पर्क कार्यक्रम शुरू करेंगे जो 17 दिसम्बर को कानपुर में खत्म होगा। गांधी उन लोगों से भी मिलेंगे जो दूसरे दलों से हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए लोगों को प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज हो गए हैं और कुछ ने तो पार्टी के विभिन्न पदों से त्यागपत्र दे दिया है। पुराने कांग्रेस जनों की नाराजगी को गांधी के मिशन 2012 को झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

दूसरे दलों से कांग्रेस में शामिल लोगों को प्रत्याशी बनाने जाने का अब हर स्तर पर विरोध हो रहा है। लोगों का गुस्सा केन्द्रीय पर्यवेक्षकों के सामने भी आ रहा है। देवरिया में पिछले बुधवार को मध्यप्रदेश से आए गोरखपुर मंडल के पर्यवेक्षक राजेन्द्र सिंह के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धक्का मुक्की तक की और उन्हें अपशब्द कहे। कार्यकर्ताओं ने उन्हें काफी भला बुरा कहा और कुछ ने तो अपने पद से त्यागपत्र दे दिए।

देवरिया जिला कांग्रेस के अध्यक्ष सुयशमणि त्रिपाठी ने कहा कि कुछ बातों को लेकर कार्यकर्ताओं में आक्रोश था। संगठन में ऐसी बातें होती रहती हैं।

राजधानी लखनऊ में भी पार्टी कार्यकर्ता और नेता बहुजन समाज पार्टी छोड़कर आए फाकिर सिद्दीकी को लखनऊ मध्य सीट से प्रत्याशी जाने से नाराज हैं। प्रदेश कांग्रेस महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रहे सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने इसके विरोध में पद से इस्तीफा दे दिया था।

श्रीवास्तव के समर्थकों ने पिछले 22 नवम्बर को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर गांधी का काफिला रोकने की कोशिश की और अपना विरोध जताया। फाकिर सिद्दीकी ने विधानसभा का पिछला चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट पर इसी सीट से लड़ा था और बाद में बसपा में शामिल हो गए थे। बाहुबलि फाकिर को जब बसपा ने उम्मीदवार नहीं बनाया तो वह कांग्रेस में शामिल हो गए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, सुबोध श्रीवास्तव को मनाने दो बार उनके आवास पर भी गईं लेकिन उन्होंने पार्टी पद से दिया त्यागपत्र वापस लेने से इन्कार कर दिया।

प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने बाराबंकी में राहुल गांधी के कार्यक्रम में केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा की आलोचना करने वाले शिव शंकर शुक्ला को निलंबित कर दिया था। शुक्ला बाराबंकी की दरियाबाद सीट से पार्टी टिकट के दावेदार थे लेकिन पार्टी ने बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को प्रत्याशी बना दिया। शुक्ला ने जब इसका विरोध किया तो वर्मा के समर्थकों ने उनके साथ हाथापाई की।

प्रदेश अनुशासन समिति ने इसी तरह मीडिया रिपोर्ट के आधार पर ही बहराइच के जिला अध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। दूसरे दलों से हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए लोगों को प्रत्याशी बनाने का विरोध पार्टी में हर स्तर पर हो रहा है। गांधी की डुमरियागंज में हुई सभा में कार्यकर्ताओं ने केन्द्रीय इस्पात मंत्री को अपना भाषण नहीं करने दिया। गांधी को कार्यकर्ताओं की भावना को देखते हुए वर्मा को मंच से हटाना पड़ा।

प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने स्वीकार किया कि प्रत्याशियों के चयन को लेकर विरोध है लेकिन यह कोई गंभीर मामला नहीं है। गांधी विधानसभा चुनाव को लेकर काफी गंभीर हैं और इसलिए राज्य में लगातार दौरे कर रहे हैं। लोगों की नाराजगी दूर होगी और वह पार्टी के घोषित प्रत्याशियों के लिए काम करना शु्रू कर देंगे।

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